पशु विज्ञान विवि को बनाया जा रहा क्लीन, ग्रीन व जीरो वेस्ट

Updated at : 14 Aug 2018 9:26 AM (IST)
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पशु विज्ञान विवि को बनाया जा रहा क्लीन, ग्रीन व जीरो वेस्ट

पटना : राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नवगठित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के क्रियाकलापों की गहन समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय को क्लीन, ग्रीन और जीरो वेस्ट (कचरा मुक्त) बनाया जा रहा है. यहां 10 नये कोर्स की शुरुआत की गयी है, जिसमें सभी पांच संकायों में मास्टर डिग्री और पीएचडी की […]

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पटना : राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नवगठित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के क्रियाकलापों की गहन समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय को क्लीन, ग्रीन और जीरो वेस्ट (कचरा मुक्त) बनाया जा रहा है.
यहां 10 नये कोर्स की शुरुआत की गयी है, जिसमें सभी पांच संकायों में मास्टर डिग्री और पीएचडी की उपाधि शामिल है. यहां से डेयरी, वेटनरी और मत्स्य विज्ञान विषयों में पीएचडी तक की उपाधि प्राप्त की जा सकती है. यहां से पॉल्ट्री प्रोडक्शन वाइल्ड लाईफ मेडिसिन समेत अन्य में पीजी डिप्लोमा की भी पढ़ाई करने की सुविधा शुरू हो गयी है.
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति संस्थानों के साथ कई स्तर पर साक्षा घोषणापत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके विश्वविद्यालय के विकास को गति दी जा रही है.
इस बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में राज्यपाल को प्रस्तुति दी गयी. राज्यपाल ने कहा कि नवपदस्थापित विवि की आधारभूत संरचना को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद या अन्य सहयोगी संस्थानों से समुचित सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र के विकास पर टिकी हुई है. दूसरी हरित क्रांति बिहार से ही होगी.
इसके लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन को भी बढ़ावा देने की जरूरत है. दुग्ध उत्पादकता बढ़ा कर मत्स्य पालन, मुर्गीपालन आदि क्षेत्रों को विकसित कर कृषि में सप्तरंगी क्रांति लायी जा सकती है.
राज्यपाल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य में दुधारू पशुओं की बेहतर नस्लों को विकसित कर किसानों की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार लाने में पूरा सहयोग कर सकता है. किसान के पास अगर अच्छी नस्ल के मवेशी होंगे, तो खेती पर उनकी निर्भरता कम होगी. दुग्ध उत्पादन के जरिये उनका आर्थिक सुदृढ़ीकरण भी संभव हो सकेगा. वहीं, कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि विवि के अधीन वेटनरी क्लिनिक के सुदृढ़ीकरण के लिए किये जा रहे प्रयासों से भी राज्यपाल को अवगत कराया गया. साथ ही पशु चिकित्सकों व पशुपालकों के लिए चलाये जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं आदि के आयोजन के बारे में भी राज्यपाल को जानकारी दी गयी.
कुलपति ने विवि के अधीन कार्यरत नये कॉलेज या सेंटरों समेत अन्य की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी. इस दौरान मत्स्य कॉलेज, कुकुट रिसर्च सेंटर, सेंटर फॉर वाइल्ड मेडिसिन, एनिमल बॉयोटेक्नोलॉजी सेंटर, गया व सिपाया (गोपालगंज) में रीजनल रिसर्च स्टेशन समेत अन्य के मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी. पटना में मौजूद संस्थानों के बारे में भी जानकारी दी.
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