मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना से बच्चों को मिल रहा बेहतर इलाज, छह बच्चों को हायर सेंटर भेजा गया
इलाज के लिए जाते बच्चे व उनके परिजन | Prabhat Khabar Network
Nawada News : नवादा में मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है. योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का नि:शुल्क इलाज किया जाता है. हाल ही में छह बच्चों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है.
Nawada News : मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत नवादा जिले में हृदय रोग समेत विभिन्न गंभीर और जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है. आईडीएसपी की डीसी डॉ. रश्मि गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को दो बच्चों और गुरुवार को चार बच्चों को बेहतर इलाज के लिए पटना के हायर सेंटर भेजा गया. उन्होंने बताया कि योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का नि:शुल्क इलाज कराया जाता है.
सदर अस्पताल से बच्चों को हायर सेंटर किया गया रेफर
डॉ. रश्मि गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को सदर अस्पताल से चार बच्चों को बेहतर इलाज के लिए आइजीआइएमएस पटना और एम्स पटना रेफर किया गया. वहीं, मंगलवार को भी सदर अस्पताल से दो बच्चों को एंबुलेंस के माध्यम से बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया था. इस प्रकार दोनों दिनों में कुल छह बच्चों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया.
मंगलवार को पटना भेजे गये बच्चों में पकरीबरावां प्रखंड के देवधा गांव निवासी बिट्टू कुमार के एक वर्ष छह महीने के पुत्र अदबीत कुमार और वारिसलीगंज प्रखंड के पछवारा निवासी मुकेश कुमार के पांच वर्ष चार महीने के पुत्र निशांत कुमार शामिल हैं.
गुरुवार को चार बच्चों को भेजा गया पटना
गुरुवार को गुनावां, गोविंदपुर के तीन दिन के नवजात शिशु के अलावा 4 वर्ष 9 महीने के वैभव राज, 3 वर्ष 7 महीने की आदिश्री कुमारी और 1 वर्ष 21 दिन के राजू कुमार को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया.
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0 से 18 साल तक के बच्चों का नि:शुल्क इलाज
मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत हृदय संबंधी बीमारी और दिल में छेद जैसी समस्याओं से पीड़ित बच्चों का नि:शुल्क इलाज कराया जाता है. ऑपरेशन समेत अन्य उपचार संबंधी खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाता है. इसके अलावा जन्मजात अंधेपन और जन्म से टेढ़े-मेढ़े पैर जैसी समस्याओं से पीड़ित बच्चों को भी बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाता है. जरूरत के अनुसार बच्चों को घर से पटना और अहमदाबाद तक नि:शुल्क उपचार की सुविधा दी जाती है.
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गांव से अस्पताल तक स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से पहुंच रहे बच्चे
डॉ. रश्मि गुप्ता ने बताया कि हृदय में छेद, अन्य बीमारियों या जन्मजात दिव्यांगता से पीड़ित बच्चों की पहचान के लिए आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद ली जा रही है. ऐसे बच्चों की पहचान के बाद उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाता है. योजना के तहत घर से अस्पताल तक आवश्यक सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध करायी जाती हैं.
उन्होंने कहा कि किसी परिवार में इस तरह की स्वास्थ्य समस्या दिखाई दे तो स्वास्थ्य विभाग या स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करना चाहिए.
डॉ. रश्मि कुमारी, आईडीएसपी डीसी, नवादा
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