नवादा: हिसुआ में पंडित राजेंद्र प्रसन्ना की बांसुरी ने बांधा समां, तबला-बांसुरी की जुगलबंदी से मंत्रमुग्ध हुए विद्यार्थी

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कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार | Prabhat Khabar Network

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मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, हिसुआ में बनारस घराने के प्रख्यात बांसुरी वादक पंडित राजेंद्र प्रसन्ना ने शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी. उनकी मधुर तान और आलाप ने विद्यार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. पंडित प्रसन्ना ने संगीत की बारीकियों और अनुशासन का महत्व समझाया.

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Nawada News : मॉडर्न शैक्षिक समूह की शाखा मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, हिसुआ के सभागार में बनारस घराने के प्रख्यात बांसुरी वादक पंडित राजेंद्र प्रसन्ना की शास्त्रीय संगीत प्रस्तुति आयोजित की गयी. बांसुरी की मधुर तान और मनमोहक आलाप ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. पंडित प्रसन्ना ने जैसे ही बांसुरी पर प्रथम स्वर फूंका, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.

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बांसुरी वादन की बारीकियों से विद्यार्थियों को कराया परिचित

कार्यक्रम के दौरान पंडित राजेंद्र प्रसन्ना ने विद्यार्थियों को बांसुरी वादन की विभिन्न बारीकियों की जानकारी दी. उन्होंने स्वर, लय, ताल और नियमित रियाज के महत्व को समझाया. उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि मन को एकाग्र करने और व्यक्तित्व को निखारने की साधना भी है.

तबला-बांसुरी की जुगलबंदी बनी आकर्षण का केंद्र

प्रस्तुति के दौरान तबले पर अभिषेक मिश्रा ने शानदार संगत की. बांसुरी और तबले की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया. दोनों कलाकारों के बीच सुर और ताल का बेहतर सामंजस्य देखने को मिला. वहीं श्री संगम ने अपने गुरु पंडित राजेंद्र प्रसन्ना के साथ बांसुरी पर जुगलबंदी प्रस्तुत कर गुरु-शिष्य परंपरा की सुंदर झलक पेश की. प्रस्तुति के दौरान पूरा सभागार तालियों से गूंजता रहा.

विद्यार्थियों को भारतीय संगीत से जोड़ना जरूरी

मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ. अनुज कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय संगीत हमारी समृद्ध सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है. संगीत मनुष्य को भीतर से समृद्ध करने के साथ अनुशासन, एकाग्रता और संवेदनशीलता का भाव विकसित करता है. विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ भारतीय कला, संस्कृति और संगीत की महान परंपराओं से जोड़ना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है.

अनुशासन और निरंतर अभ्यास का दिया संदेश

प्रस्तुति के बाद पंडित राजेंद्र प्रसन्ना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संगीत के साथ अनुशासन, निरंतर अभ्यास, समर्पण और गुरु के प्रति सम्मान के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र में पूरी लगन और निष्ठा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

कार्यक्रम का मंच संचालन प्रवीण कुमार पंकज ने किया. इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य मिखाइल चौधरी, शिक्षक सुधीर झा, विज्ञान शिक्षक गोपाल कृष्ण, प्रभात कुमार, वीरेंद्र कुमार, प्रिंस कुमार, समीर मैटी, राजेश कुमार और गगन कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे.

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