नवादा में अतिक्रमण हटाने के दौरान बिजली के पोल-तार टूटे, 36 घंटे से अंधेरे में अंधरवारी के लोग

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बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद आक्रोशित स्थानीय

Nawada News : रजौली में सड़क निर्माण के दौरान गाबर कंपनी की लापरवाही से बिजली के खंभे उखड़े. अंधरवारी के लोग 36 घंटे से अंधेरे में रहने को मजबूर, प्रशासन से मदद की मांग.

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Nawada News : रजौली स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-20 के किनारे अतिक्रमण हटाने के नाम पर गाबर कंस्ट्रक्शन कंपनी की लापरवाही और मनमानी सामने आयी है. सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण के दौरान कंपनी द्वारा भारी मशीनों के जरिए मकानों को ढहाने की कार्रवाई की गयी, जिसमें जनसुविधाओं का कथित रूप से ध्यान नहीं रखा गया. इस कार्रवाई के दौरान विद्युत आपूर्ति के कई खंभे उखड़ गये और मुख्य लाइन के तार टूटकर सड़क और मलबे पर बिखर गये. इसके कारण अंधरवारी क्षेत्र के निवासी पिछले 36 घंटे से अधिक समय से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. एक ओर जहां कई गरीब परिवारों का आशियाना छिन गया है, वहीं दूसरी ओर बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है.

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पीने के पानी का संकट, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित

बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित होने से पूरे क्षेत्र में पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. मोटर और समरसेबल बंद पड़े होने के कारण लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. इसके साथ ही रात में अंधेरा रहने के कारण छोटे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. स्थानीय निवासी राजेश कुमार, राजकुमार चौधरी और राजू कुमार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग को इसकी सूचना दे दी गयी थी. इसके बावजूद 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नया पोल लगाने और टूटे तारों को दुरुस्त करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग और निर्माण कंपनी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं. विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

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बिजली बहाली और राहत की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध

ग्राम पंचायत के मुखिया विनोद उर्फ भोला राजवंशी, रामाशीष प्रसाद यादव, राजेश चौधरी, राजदेव राय, अनिल कुमार मेहता और बाबूलाल प्रसाद यादव समेत कई स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मामले पर कड़ा विरोध जताया है. उनका कहना है कि गाबर कंस्ट्रक्शन कंपनी की कार्यशैली के कारण दर्जनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. इसके बाद बिजली और पानी की समस्या ने प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

क्षतिग्रस्त पुल की तस्वीर
क्षतिग्रस्त पुल की तस्वीर

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने नए बिजली पोल लगवाकर जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल कराने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.

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कंपनी ने कहा- ग्रामीणों के दुर्व्यवहार से काम रोकना पड़ा

गाबर कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके त्रिपाठी ने बताया कि रविवार शाम को ही बिजली मिस्त्री और कर्मियों की टीम को लाइन दुरुस्त करने के लिए भेजा गया था. लेकिन ग्रामीणों द्वारा कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के कारण वे काम पूरा किए बिना लौट गये. उन्होंने बताया कि सोमवार को फिर से टीम भेजी गयी है. अतिक्रमण हटाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुए तारों और बिजली के खंभों की मरम्मत का काम कराया जा रहा है. प्रयास है कि जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाए.

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