नवादा में आरओबी की मांग फिर तेज, तीन प्रमुख स्थानों पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए एकदिवसीय धरना का ऐलान
नवादा शहर में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की मांग फिर से जोर पकड़ रही है. जाम से निजात दिलाने के लिए केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ ने आंदोलन का ऐलान किया है. संघ की तीन प्रमुख स्थानों पर आरओबी बनाने की मांग है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और आपातकालीन सेवाओं को राहत मिल सके.
Nawada News : नवादा शहर में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. रेलवे फाटक बंद होने के कारण लगातार जाम की समस्या से परेशान शहरवासियों की सुविधा को लेकर केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ, नवादा शाखा ने आंदोलन का ऐलान किया है. संघ की ओर से आरओबी निर्माण की मांग को लेकर एकदिवसीय धरना आयोजित करने की घोषणा की गई है. संघ ने शहर के तीन महत्वपूर्ण स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग प्रशासन और रेलवे के सामने रखी है.
तीन प्रमुख स्थानों पर आरओबी बनाने की मांग
केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ ने बस स्टैंड से इंदिरा चौक, नंबर दो गुमटी तथा नवादा सुन्देलखण्ड के पास रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मांग की है. संघ का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव के बीच इन स्थानों पर आरओबी का निर्माण बेहद जरूरी हो गया है. रेलवे फाटक बंद होने के कारण वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और इसका असर आसपास की सड़कों पर भी देखने को मिलता है. ओवरब्रिज बनने से रेलवे फाटक पर निर्भरता कम होगी और शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में मदद मिलेगी.
स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी
संघ के अनुसार रेलवे फाटक बंद होने पर सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और मरीजों को होती है. जाम के कारण कई बार बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं. वहीं, मरीजों को अस्पताल ले जाने के दौरान सड़क पर जाम बड़ी बाधा बन जाता है. गंभीर मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी कई बार जाम में फंस जाती है. ऐसे में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी मरीजों के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है.
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शिक्षक और चिकित्सक भी होते हैं प्रभावित
रेलवे फाटक के कारण लगने वाले जाम का असर शहर की रोजमर्रा की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. संघ का कहना है कि शिक्षकों और चिकित्सकों को समय पर स्कूल और अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है. नियमित रूप से इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को भी फाटक बंद होने के दौरान काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है. इससे लोगों के काम प्रभावित होते हैं और शहर में यातायात का दबाव और बढ़ जाता है.
आग और अन्य आपात स्थिति में बढ़ जाता है खतरा
संघ ने आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी चिंता जताई है. आग लगने जैसी घटना होने पर फायर ब्रिगेड को समय पर घटनास्थल तक पहुंचने में रेलवे फाटक के कारण परेशानी हो सकती है. इसी तरह किसी विवाद या अन्य आकस्मिक घटना के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके पर पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ सकता है. संघ का मानना है कि आरओबी का निर्माण होने से ऐसी आपात परिस्थितियों में आवागमन को बेहतर बनाया जा सकेगा.
रेलवे के मुख्य द्वार पर आरओ का चिन्ह लगाने की भी मांग
केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ ने शहर में आरओबी निर्माण के साथ रेलवे के मुख्य द्वार पर आरओ का चिन्ह लगाने की मांग भी की है. संघ का कहना है कि नवादा में लगातार बढ़ते यातायात और आबादी के बीच रेलवे ओवरब्रिज अब केवल सुविधा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यातायात और आपात सेवाओं के लिहाज से इसकी जरूरत बढ़ गई है. संघ ने प्रशासन और रेलवे से मांगों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल करने की अपील की है और आरओबी निर्माण की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है.
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