नवादा में किसान कर रहे मोती की ‘खेती’, कम जगह में कमाई का नया तरीका; जानें पूरी प्रक्रिया
मनीष कुंदन | Prabhat Khabar Network
नवादा जिले के किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ आय बढ़ाने के लिए मोती पालन को अपना रहे हैं. यह कम जगह में शुरू होने वाला व्यवसाय किसानों को अतिरिक्त आमदनी का एक नया अवसर दे रहा है. विभाग द्वारा प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जा रही है.
Nawada Farming : नवादा जिले में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ आय बढ़ाने के लिए मोती पालन की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं. कम जगह में शुरू किये जा सकने वाले इस व्यवसाय से किसानों को अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद जगी है. जिले के कई किसान तालाबों में सीप का पालन कर उसमें कृत्रिम तरीके से मोती तैयार करने की प्रक्रिया अपना रहे हैं.
मोती पालन के लिए किसानों को सीप की देखभाल, पानी की गुणवत्ता और उचित तापमान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है. प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी के साथ किसान इस व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से संचालित कर सकते हैं. तैयार मोती की गुणवत्ता के आधार पर बाजार में इसकी अच्छी मांग रहती है.
पारंपरिक खेती के साथ आय बढ़ाने का नया विकल्प
किसानों का कहना है कि मोती पालन ने खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी का एक नया विकल्प उपलब्ध कराया है. तालाब और उपलब्ध जल संसाधनों का उपयोग कर किसान इसे छोटे स्तर से शुरू कर सकते हैं. सही तकनीक, बेहतर प्रबंधन और उचित देखभाल के जरिये इसे आगे बड़े व्यवसाय का रूप दिया जा सकता है.
जिले में मोती पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य विभाग की ओर से किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है. किसानों को सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं और सब्सिडी की जानकारी भी दी जा रही है.
मोती पालन में बड़ा स्कोप, किसानों के लिए आय का नया अवसर
मोती पालन जिले में धीरे-धीरे संभावनाशील व्यवसाय के रूप में उभर रहा है. पारंपरिक खेती के साथ किसान इसे अपनाकर अतिरिक्त आमदनी का रास्ता तलाश रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार मोती पालन में सीप की उचित देखभाल, पानी की गुणवत्ता और अनुकूल तापमान का विशेष महत्व है.
सही प्रशिक्षण और बेहतर प्रबंधन के साथ किसान छोटे स्तर से शुरुआत कर इसे आगे बढ़ा सकते हैं. बढ़ती बाजार मांग और खेती के साथ अतिरिक्त आय की संभावना को देखते हुए मोती पालन को किसानों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का बेहतर माध्यम माना जा रहा है.
2000 सीप से शुरू किया मोती पालन का कारोबार
अकबरपुर प्रखंड के पचरुखी गांव निवासी मुकेश कुमार सिंह ने मोती पालन का व्यवसाय शुरू किया है. उन्हें पहले से मत्स्य पालन का अनुभव है. विभाग से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने पहली बार मोती पालन शुरू किया है. वर्तमान में वह करीब 2000 सीप के साथ इस व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं.
उनका कहना है कि पहली बार मोती पालन कर रहे हैं और अच्छी फसल तैयार होने की उम्मीद है. उनके अनुसार अनाज की खेती की तुलना में मोती पालन में बेहतर आमदनी की संभावना है. उन्होंने इच्छुक किसानों से मत्स्य विभाग से संपर्क कर प्रशिक्षण लेने और इस व्यवसाय से जुड़ने की अपील की.
प्रशिक्षण लेकर संजय ने भी शुरू किया व्यवसाय
अकबरपुर के संजय कुमार सिंह भी मोती पालन से प्रभावित होकर इस व्यवसाय से जुड़े हैं. उनका कहना है कि मोती पालन के जरिये कई लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं. इसी से प्रेरित होकर उन्होंने भी इसका व्यवसाय शुरू किया है.
संजय कुमार सिंह के अनुसार मत्स्य विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है. विभाग की योजनाओं के तहत प्रशिक्षण के साथ सब्सिडी जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान है. उन्होंने जिले के इच्छुक किसानों से मोती पालन के बारे में जानकारी लेने और प्रशिक्षण के बाद इस व्यवसाय को शुरू करने की अपील की.
सरकार दे रही प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग
जिला मत्स्य पदाधिकारी मनीष कुंदन ने बताया कि बिहार सरकार की ओर से किसानों को मोती पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. विभाग किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं के तहत सब्सिडी समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है.
उन्होंने कहा कि मोती पालन में रुचि रखने वाले किसान मत्स्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं. इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जायेगा और पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जायेगा.



आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए