नवादा: अंगूठा लगवाकर बनाते थे फर्जी सिम, साइबर अपराधियों को बेचते थे नंबर; 43 सिम के साथ मुख्य आरोपित गिरफ्तार
गिरफ्तार किया गया फर्जी सिम कार्ड का कारोबारी | Prabhat Khabar Network
नवादा में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जी सिम कार्ड रैकेट का खुलासा किया है. ग्रामीणों को लालच देकर उनके अंगूठे का निशान लेकर उनके नाम पर सिम जारी किए जाते थे, जिन्हें बाद में साइबर अपराधियों को बेचा जाता था. इस मामले में पुलिस ने एक युवक को 43 सिम कार्ड, फिंगरप्रिंट स्कैनर और अन्य सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है.
Nawada Flood Update : जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. साइबर थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है. कादिरगंज थाना क्षेत्र के गोयठाडीह गांव में गुरुवार की रात करीब 11:10 बजे एसआइटी और पटना सीसीएसयू की टीम ने छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने 43 सिम कार्ड, एक फिंगरप्रिंट स्कैनर, दो मोबाइल फोन और एक बैंक पासबुक बरामद की.
गिरफ्तार युवक की पहचान गोयठाडीह निवासी 28 वर्षीय नवीन कुमार, पिता विनोद कुमार सिन्हा के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सिम कार्ड जारी कराने के लिए गरीब और अशिक्षित ग्रामीणों को निशाना बनाने की बात सामने आयी है. ग्रामीणों को चंद रुपये का लालच देकर उनके अंगूठे का निशान लिया जाता था और फिंगरप्रिंट स्कैनर की मदद से उनके नाम पर सिम जारी कराये जाते थे.
ग्रामीणों के नाम पर सिम, साइबर अपराधियों को सप्लाई
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों के नाम पर एक्टिव कराये गये सिम कार्ड बाद में ऊंची कीमत पर साइबर अपराधियों को बेचे जाते थे. इन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल साइबर ठगी समेत अन्य ऑनलाइन अपराधों में किये जाने की आशंका है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सिम कार्ड किन लोगों के नाम पर जारी किये गये थे और उनका इस्तेमाल अब तक किन-किन मामलों में हुआ है.
जांच में पुलिस को इस नेटवर्क के कई इलाकों तक फैले होने के संकेत मिले हैं. इसके बाद सिम जारी करने वाले एजेंटों और साइबर अपराधियों के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है.
चार थाना क्षेत्रों तक नेटवर्क की जांच
पुलिस के अनुसार, नेटवर्क का दायरा रोह, कादिरगंज, वारिसलीगंज और पकरीबरावां थाना क्षेत्रों तक फैला हुआ है. इन इलाकों में सक्रिय सिम विक्रेताओं और एजेंटों की भूमिका की जांच की जा रही है.
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कितने ग्रामीणों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर सिम जारी कराये गये हैं. इसके साथ ही इन नंबरों से जुड़े साइबर अपराधों की जानकारी भी जुटायी जा रही है.
गुप्त सूचना पर बनी एसआइटी
साइबर थाना अध्यक्ष सह डीएसपी मो. शाहनवाज अख्तर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गयी. इसके बाद विशेष टीम का गठन किया गया. एसआइटी ने सीसीएसयू पटना और स्थानीय सशस्त्र बल की मदद से गोयठाडीह में छापेमारी कर नवीन कुमार को गिरफ्तार किया.
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है. साथ ही सिम विक्रेताओं और साइबर अपराधियों के बीच संपर्क की भी जांच की जा रही है.
केस दर्ज, अन्य सदस्यों की तलाश जारी
मामले में साइबर थाने में कांड संख्या 88/26, दिनांक 11 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपित के खिलाफ बीएनएसएस 2023, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 और आइटी एक्ट 2000 की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. बरामद 43 सिम कार्ड और अन्य सामान की जांच के साथ पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन नंबरों का इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में किया गया है.
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