तो सदर अस्पताल में कैसे हो उपचार

नवादा:सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है. अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है. इसके कारण सामान्य चिकित्सक ही सभी रोगों का इलाज करते हैं. ओपीडी में प्रतिदिन विभिन्न गांवों के लगभग दो सौ से ढाई सौ मरीज पहुंचते हैं. ओपीडी में इलाज के लिए […]
नवादा:सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है. अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है. इसके कारण सामान्य चिकित्सक ही सभी रोगों का इलाज करते हैं. ओपीडी में प्रतिदिन विभिन्न गांवों के लगभग दो सौ से ढाई सौ मरीज पहुंचते हैं. ओपीडी में इलाज के लिए परची कटवाने के लिए सिर्फ एक काउंटर है. इसी काउंटर से महिला व पुरुष दोनों का परची काटा जाता है. इसके कारण ओपीडी खुलते ही मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है. ओपीडी में भी सिर्फ दो चिकित्सकों को तैनात किया जाता है.
मरीजों की अधिक भीड़ रहने के कारण चिकित्सक पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं. यहां चिकित्सकों के 55 पद हैं. इनमें सिर्फ 15 चिकित्सक हैं, 40 पद वर्षो से खाली पड़ा है. मौजूदा स्थिति को देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मरीजों का इलाज कितना बेहतर हो सकता है. ऐसी स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना व अन्य जगह जाना पड़ रहा है. सदर अस्पताल की व्यवस्था को देख कर लगता है कि विभाग द्वारा मरीजों के बेहतर इलाज का ढिंढोरा पिटा जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों के इलाज की बेहतर व्यवस्था किये जाने का दावा नाकाम साबित हो रहा है.
दवा की कमी
कुत्ते के काटने के बाद संक्रमित मरीजों को लगायी जाने वाली इंजेक्शन एंटी रैबीज डेढ़ माह से अस्पताल में नहीं है. इसके कारण मरीजों को चक्कर लगाना पड़ता है. बाहर महंगे दाम में इंजेक्शन खरीद कर लगवाना पड़ता है.
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