बेहतर कानून बनाने की जरूरत

Updated at : 21 Dec 2015 6:56 PM (IST)
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बेहतर कानून बनाने की जरूरत

बेहतर कानून बनाने की जरूरतनिर्भया कांड के आरोपत के छूटने पर असंतोष शहर के लोगों ने दी अपनी प्रतिक्रिया फोटो 6प्रतिनिधि, नवादा (सदर)दिल्ली के चर्चित निर्भया कांड मामले में आरोपित को नाबालिग करार देकर बरी किये जाने से शहर के लोगों में भी रोष हैं. लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे अन्याय बताया है. कोर्ट […]

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बेहतर कानून बनाने की जरूरतनिर्भया कांड के आरोपत के छूटने पर असंतोष शहर के लोगों ने दी अपनी प्रतिक्रिया फोटो 6प्रतिनिधि, नवादा (सदर)दिल्ली के चर्चित निर्भया कांड मामले में आरोपित को नाबालिग करार देकर बरी किये जाने से शहर के लोगों में भी रोष हैं. लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे अन्याय बताया है. कोर्ट द्वारा आरोपित को बरी किये जाने पर लोगों ने कहा है कि अब समय आ गया है कि कानून में संशोधन किया जाये और जुबेनाइल के मामले में उम्र सीमा में बदलाव किया जाये़ संविधान में संशोधन की जरूरत आरोपित को बरी किये जाने से यह साबित हो जाता है कि नारी सदा से सतायी जा रही थी और आगे भी सतायी जायेगी. अब संविधान में संशोधन की जरुरत हैं. आरोपित को नाबालिग का लाभ देकर हवस की शिकार में दम तोड़ देने वाली निर्भया के साथ नाइंसाफ है. ऐसे कानून में बदलाव नहीं हुआ, तो कई और निर्भया दरिंदगी के शिकार हो सकती हैं. डाॅ पूनम शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, नवादाहमेशा महिलाओं को दबाया गया निर्भया की मौत के लिए जिम्मेवार युवक को छोड़ देना उसके प्रति अन्याय है़ इससे यह साबित होता है कि पुरुष प्रधान समाज में हमेशा से महिलाओं को दबाया गया है. कानून ने आरोपित को छोड़ कर इसे प्रमाणित कर दिया है. ऐसे कानून में बदलाव की जरुरत है. इसके लिए हर तबके के लोगों को आगे आना होगा़ राज कुमारी, सदस्य महिला हेल्प लाइन, नवादा कानून में सुधार जरूरी भारतीय संविधान में बदलाव की आवश्यकता है. नहीं तो आये दिन देश की निर्भया लूटती व मिटती रहेगी. कानून का सहारा लेकर आरोपित खुलेआम घुमेंगे. फिर इस समाज में महिलाएं असुरक्षित ही रह पायेगी. महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून में सुधार जरूरी है. पूनम कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता, नवादा असुरक्षित हैं महिलाएं मेरा तो मानना है कि देश की आधी आबादी कहे जाने वाली महिलाएं खुद को असुक्षित महसुस करती आ रही है. भारतीय कानून में सुधार नहीं किया गया, तो देश की बेंटियों को सड़कों पर चलना मुश्किल हो जायेगा. अभिभावक अपने बच्चियों को घर से नहीं निकलने देंगे.अनिता कुमारी सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता, नवादा

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