हर माह निबटाये जा रहे बिजली संबंधी करीब डेढ़ सौ मामले

Published at :21 Apr 2015 7:26 AM (IST)
विज्ञापन
हर माह निबटाये जा रहे बिजली संबंधी करीब डेढ़ सौ मामले

नवादा (नगर) : बिजली बिल में गड़बड़ी, एक ही उपभोक्ता के यहां दो-दो बिल आने जैसी शिकायतों की अंबार बिजली विभाग में दिख रहा है. बिल वितरण मीटर रीडिंग, समय पर बिल नहीं मिलने आदि की समस्या से विभाग को जूझने की आदत बन गयी है. विभाग बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार करके बिजली […]

विज्ञापन

नवादा (नगर) : बिजली बिल में गड़बड़ी, एक ही उपभोक्ता के यहां दो-दो बिल आने जैसी शिकायतों की अंबार बिजली विभाग में दिख रहा है. बिल वितरण मीटर रीडिंग, समय पर बिल नहीं मिलने आदि की समस्या से विभाग को जूझने की आदत बन गयी है.

विभाग बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार करके बिजली की उपलब्धता में सुधार किया है, लेकिन ग्राहकों से राजस्व वसूली में जिला पिछड़ रहा है. बिल बांटने व मीटर रीडरों की गड़बड़ी के कारण हजारों ग्राहकों को बिल संबंधी कोई न कोई समस्या रहती ही है.

विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिमाह डेढ़ सौ से दो सौ बिल संबंधी समस्याओं को सुधारा जाता है. यानी मीटर रीडरों की मनमानी व लापरवाही के कारण सरकार के राजस्व को प्रतिमाह करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. ग्राहकों को सबसे अधिक समस्या बिल वितरण एवं मीटर रीडिंग को लेकर ही होती है.

एजेंसी कराती है काम

नवादा सब डिवीजन के शहरी क्षेत्रों में प्राइवेट एजेंसी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल फ्रेंचाइजी द्वारा मीटर रीडिंग व बिल वितरण का काम होता है. एजेंसी में काम करने वाले युवकों को काफी कम मानदेय देकर बिल वितरण व मीटर रीडिंग का काम कराया जाता है. इसके कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है.

बिल वितरण का कार्य कई क्षेत्रों में नियमित नहीं होता है. मीटर रीडिंग कई महीनों के बाद होता है. इसमें भी बगैर चढ़ावा चढ़ाये क्या अंकित होकर बिल आयेगा कहना मुश्किल है. विभाग को सबसे अधिक प्रयास इसी के सुधार में करने की जरूरत है.

एजेंसी बदल जाती है, पर कर्मचारीनहीं

मीटर रीडिंग व बिल बांटने के काम में मनमानी होने का सबसे बड़ा कारण है कि एजेंसी को तो खराब काम करने पर बदला जाता है. लेकिन, दूसरी एजेंसी लेने वाले भी उसी कर्मी से काम लेते है, क्योंकि पुराने मीटर रीडर को क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं के घर का पता होता है. नयी एजेंसी ने संचालक काम को बरकरार रखने के कारण पुराने मीटर रीडरों को नहीं हटाते है.

यही कारण है कि क्षेत्र विशेष में मीटर रीडर मनमाने रूप से काम करते है. नवादा सब डिवीजन को तीन भागों शहरी क्षेत्र में बांट कर एजेंसी के द्वारा बिल वितरण व मीटर रीडिंग होता है. हिसुआ में एजेंसी संचालक मनोज कुमार, नवादा पूर्वी में प्रवीण कुमार व नवादा पश्चिमी में पिंटू कुमार एजेंसी के रूप में काम कर रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों को रूलर फ्रेंचाइजी बिल बांटने का काम करती है.

बाद में आइये, हो जायेगा काम

सुरेंद्र शर्मा, हिसुआ. विपत्र आइडी 27107 पिछले एक वर्ष से बिल में हुई गड़बड़ी की सुधार के लिए भटक रहे हैं. हिसुआ से लेकर नवादा के दर्जनों बार चक्कर लगाने के बाद एक ही जवाब मिलता है बाद में आइये काम हो जायेगा. 6 मार्च, 2014 को इनके पास 52 हजार 326 रुपये का बिजली बिल आया है. घरेलू एक केवीए के कनेक्शन धारी सुरेंद्र शर्मा बिजली विभाग में एक टेबल से लेकर दूसरे टेबल के चक्कर लगा कर चक्करघन्नी बन गये है. लेकिन, नतीजा ज्यों का त्यों है. मार्च 2014 में 1910 रुपये का बिल जमा किये इसके बाद 52 हजार 326 रुपये का बिल हर माह बढ़ जाता है. बदले में मिल रहे है आश्वासन के कड़वे घूंट.

तो बढ़ा दिया रीडिंग

सत्येंद्र कुमार, पिता महेश्वर लाल विपत्र आइडी 53823. मीटर रीडिंग के लिए आनेवाले कर्मी को नाजायज राशि नहीं दिये जाने के कारण मीटर रीडिंग ही बढ़ा कर भेज दिया है. अब विभाग के चक्कर लगा रहे हैं. उनके मीटर का पठन 1467 है. लेकिन मीटर रीडर द्वारा 1908 रीडिंग कर लिया गया है. बिल बढ़ा कर 3171 रुपये का आ गया है. सुधार करवाने के लिए भटक रहे हैं. मीटर रीडर को 20 से 50 रुपये नहीं देने की सजा भुगत रहे है. एक बार रिक्शा से आने जाने में सौ रुपये खर्च हो जा रहे है. बिल में कब सुधार होगा पता नहीं.

एक ही कनेक्शन के दो-दो बिल!

मुकेश कुमार, पिता शैलेंद्र कुमार, नवादा पश्चिमी अंतर्गत न्यू एरिया के निवासी, कस्टमर संख्या एन डब्ल्यू एन 9500 के पास प्रतिमाह बिल विपत्र संख्या 78452 एवं विपत्र आइडी 71788 से दो-दो बिल आते है. एक किलोवाट का कनेक्शन है, लेकिन एक ही कनेक्शन के लिए दो बिल आने की शिकायत कई बार की गयी है. लेकिन बिल आने का सिलसिला जारी है. विपत्र संख्या 71788 के नाम से बिल का भुगतान करते रहे है, लेकिन एक ही कनेक्शन में दो बिल आने से परेशानी बढ़ रही है. एक बिल नहीं आने के कारण बिजली बिल जमा नहीं कर पा रहे है. इसके कारण बल बढ़ कर 2452 रुपये हो गया है. करीब आदमी को एक साथ कई महीनों का बिल जमा करने में समस्या होगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन