वर्ल्ड हेरिटेज साइट नालंदा में बढ़ रही पर्यटकों की संख्या

Updated at : 29 Sep 2017 4:43 AM (IST)
विज्ञापन
वर्ल्ड हेरिटेज साइट नालंदा में बढ़ रही पर्यटकों की संख्या

बिहारशरीफ : प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. 2016 में जून-जुलाई माह में नालंदा खंडहर यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल होने के बाद से यहां आने वाले पर्यटकों में इजाफा हुआ है. 2015-16 […]

विज्ञापन

बिहारशरीफ : प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. 2016 में जून-जुलाई माह में नालंदा खंडहर यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल होने के बाद से यहां आने वाले पर्यटकों में इजाफा हुआ है. 2015-16 में यहां आने वाले देशी पर्यटकों की संख्या 6 लाख 7445 थी, वहीं 24129 विदेशी पर्यटक आये. 2016-17 में यहां 6 लाख 40 हजार से अधिक देशी पर्यटक आये,

वहीं 30316 विदेशी पर्यटकों ने नालंदा के वर्ल्ड हेरिटेज साइट का अवलोकन किया. यहां आने वाले देशी -विदेशी पर्यटकों की संख्या में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, वहीं इनसे होने वाली आमदनी में करीब 15 फीसदी का इजाफा हुआ है. प्राचीन भारत में अपने तरह से इस अनोखे विवि, जो पूरे विश्व में ज्ञान के लिए प्रसिद्ध था, को देखने के लिए लोग खींचे चले आ रहे हैं. वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल होने के बाद इस प्राचीन विश्वविद्यालय की महत्ता को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है.

यहां आकर देशी-विदेशी पर्यटक विवि की खूबियों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक यहां शार्क व बिम्सटेक देशों से आ रहे हैं. यूरोपियन कंट्री, इंगलैंड, चीन व बौद्ध धर्मावलंबी देशों से प्रतिवर्ष बढ़ी संख्या में विदेशी पर्यटक नालंदा आ रहे हैं.

शार्क व बिम्सटेक कंट्री के पर्यटकों को विशेष सुविधा :
नालंदा आने वाले विदेशी पर्यटकों में शार्क व विम्सटेक कंट्री के पर्यटकों को भारतीय पर्यटकों के समान सुविधाएं दी जा रही है. शार्क (दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन) के देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश,भूटान, इंडिया, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान व श्रीलंका शामिल है. बिम्सटेक कंट्री में बंगाल की खाड़ी के समीप के देशों का एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग संगठन है. इसमें बांग्लादेश, भारत,बर्मा, श्रीलंका, थाइलैंड, भूटान, नेपाल आदि देश शामिल है. इन देशों से नालंदा आने वाले पर्यटकों से भारतीय लोगों के समान ही प्रति टिकट 15 रुपये लिये जाते हैं. इसके अलावा अन्य देशों से आनेवाले पर्यटकों से प्रति टिकट दो सौ रुपये लिये जाते हैं. नालंदा के वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल होने के बाद से साइट के आसपास के क्षेत्रों का विकास किया जाना है. साइट के दो किलोमीटर क्षेत्र को बफर जोन बनाना है. खंडहर के आसपास के दुकानों को हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना है, एवं वहां नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाना है.
स्थानीय लोग इस विकास की राह देख रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
”वर्ल्ड हेरिटेज में नालंदा खंडहर के शामिल होने के बाद से यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में 15 से 20 फीसदी का इजाफा हुआ है. आमदनी में भी उसी अनुपात से बढ़ोतरी हुई है. वर्ल्ड हेरिटेज साइट के आसपास के दो किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जाना है. साइट के आसपास बुनियादी सुविधाएं बढ़ायी जायेगी. इसके लिए योजना तैयार कर ली गयी है. आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है”.
डीएन सिन्हा, सुपरिटेंडिंग ऑर्कियोलॉजिस्ट, पटना
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन