निजी शिक्षण संस्थानों पर टैक्स
Updated at : 03 Jan 2017 4:26 AM (IST)
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मुहिम. आमदनी से ज्यादा खर्च, वित्तीय समाधान करना बना चैलेज मंथन करते मेयर सुधीर कुमार व नगर आयुक्त कौशल कुमार. वित्तीय समाधान के लिए टैक्स लगाने की विवशता मंथन में जुटा नगर निगम, की गयी बैठक बिहारशरीफ : आमदनी से ज्यादा खर्च. यानि आमदनी अठनी और खर्च रुपये से ज्यादा. यह हाल है बिहारशरीफ नगर […]
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मुहिम. आमदनी से ज्यादा खर्च, वित्तीय समाधान करना बना चैलेज
मंथन करते मेयर सुधीर कुमार व नगर आयुक्त कौशल कुमार.
वित्तीय समाधान के लिए टैक्स लगाने की विवशता
मंथन में जुटा नगर निगम, की गयी बैठक
बिहारशरीफ : आमदनी से ज्यादा खर्च. यानि आमदनी अठनी और खर्च रुपये से ज्यादा. यह हाल है बिहारशरीफ नगर निगम का. वित्तीय समाधान को पाटने के लिए अभी से नगर निगम जुट गया है. वित्तीय समाधान करने के लिए नये सेक्टरों पर टैक्स लगाये जाने के लिए मंथन शुरू हो गया है.
हर पहलु पर मंथन की जा रही है ताकि नये बजट सत्र में नगर निगम नगरीय सुविधा से लेकर कर्मी को समय पर वेतन मिल सकें. नगर निगम को हर साल बिजली बिल पर सिर्फ चार करोड़ रुपये विभाग को देना पड़ता है. इसके बाद नल जल के तहत पीएचइडी के तह पंपों को नगर निगम के अधीन होने पर हर साल दो करोड़ रुपये का खर्च भी बढ़ गया है. इसके साथ ही कार्यालय को सुविधा जनक और हाइटेक बनाये रखने पर दो से तीन करोड़ रुपये हर साल में खर्च करना पड़ता है.
और तो सफाई कार्य पर मसलन कर्मी के वेतन, मानदेय से लेकर वाहन इधन पर हर महीने एक करोड़ रुपये का खर्च है. इतना बड़े पैमाने पर खर्च की भरपाई के लिए स्वयं के संसाधन को विकसित करने के लिए एकमात्र विकल्प राजस्व बढ़ाना है. इसी पर मंथन करने के लिए सोमवार को मेयर सुधीर कुमार,उपमेयर शंकर कुमार ने
नगर आयुक्त कौशल कुमार के साथ संयुक्त रूप से बैठक कर नये टैक्स लगाये जाने का सुझाव दिया. मेयर ने कहा कि शहर में संचालित सभी निजी शिक्षण संस्थानों पर छात्रों की संख्या की अनुसार टैक्स लगाये जायेंगे. टैक्स जमा करने के लिए सभी को नोटिस दी जायेगी. टैक्स नहीं जमा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.सेवा कर दायरे में डोर’टू डोर को लाने पर भी राय बनी. इसी तरह मेडिकल कचरा प्रबंधन समेत अन्य तरह के टैक्स लगाये जाने पर नगर निगम के सशक्त स्थायी समिति की बैठक में रखा जायेगा इसके बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा.
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