Muzaffarpur: नया भवन तैयार, फिर भी पुराने जर्जर भवन में चल रहा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक

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सांकेतिक तस्वीर

मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल का ब्लड बैंक अपनी जर्जर इमारत के कारण मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है. छत और दीवारों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन फंड की कमी के कारण नया भवन तैयार होने के बावजूद शिफ्टिंग नहीं हो सकी है.

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Muzaffarpur News: सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक की जर्जर इमारत मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है. छत और दीवारों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, बावजूद इसके मरीजों को इसी भवन में रक्त चढ़वाने और रक्तदान के लिए पहुंचना पड़ रहा है. हैरानी की बात यह है कि मॉडल अस्पताल में ब्लड बैंक के लिए नया स्थान तैयार है, लेकिन फंड और कुछ प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण अब तक शिफ्टिंग नहीं हो सकी है.

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जर्जर छत के नीचे चल रहा ब्लड बैंक

सदर अस्पताल के पुराने भवन में संचालित ब्लड बैंक की स्थिति प्रवेश करते ही नजर आती है. छत और दीवारों की हालत खराब है और कई जगहों पर प्लास्टर टूट चुका है. मरीजों और उनके परिजनों को इसी माहौल में रक्त चढ़वाने के लिए इंतजार करना पड़ता है.

ब्लड बैंक में आने वाले रक्तदाता भी इस जर्जर व्यवस्था के बीच रक्तदान करते हैं. उन्हें एक तरफ मरीज की जरूरत की चिंता रहती है, तो दूसरी तरफ सिर के ऊपर मौजूद जर्जर छत को लेकर हादसे का डर सताता रहता है.

कई बार गिर चुका है छत का प्लास्टर

ब्लड बैंक की छत से कई बार प्लास्टर गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं. इन घटनाओं में वहां मौजूद मरीज और स्वास्थ्यकर्मी बाल-बाल बच चुके हैं. इसके बाद भी भवन की मरम्मत या ब्लड बैंक को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की दिशा में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी.

गंभीर मरीजों के लिए ब्लड बैंक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.

नया भवन तैयार, फिर भी शिफ्टिंग का इंतजार

चौंकाने वाली बात यह है कि मॉडल अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक के लिए नया भवन तैयार किया जा चुका है. आधुनिक सुविधाओं के लिए तैयार इस स्थान पर ब्लड बैंक को शिफ्ट किया जाना है.

लेकिन फंड और वित्तीय स्वीकृति से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अब तक पुराने भवन से ब्लड बैंक को स्थानांतरित नहीं किया गया है. इस देरी का खामियाजा मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है.

स्वास्थ्यकर्मियों को भी हादसे का डर

पुराने भवन में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी भी जर्जर स्थिति को लेकर चिंतित हैं. कर्मचारियों और डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें हर दिन इसी खतरे के बीच काम करना पड़ता है.

स्थिति की जानकारी कई बार सीएस कार्यालय को दी जा चुकी है. स्वास्थ्यकर्मियों की मांग है कि आवश्यक कागजी प्रक्रिया जल्द पूरी कर ब्लड बैंक को नये भवन में स्थानांतरित किया जाए.

अगले माह तक शिफ्टिंग की उम्मीद

सदर अस्पताल के अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि ब्लड बैंक को मॉडल अस्पताल में शिफ्ट करने की कवायद चल रही है. मशीनों और अन्य उपकरणों को नये स्थान पर शिफ्ट करने के लिए कहा गया है. कुछ कागजी प्रक्रिया बाकी है, जिसे अगले माह तक पूरा करने का लक्ष्य है.

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