पटरी में जरा सी भी खराबी नहीं छूटेगी नजर से, मुजफ्फरपुर पहुंची ऐसी हाईटेक कार जो लेजर से करेगी ट्रैक की जांच

Updated:
विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

मुजफ्फरपुर जंक्शन पर RDSO की विशेष ट्रैक रिकॉर्डिंग कार पहुंची है, जो पटरियों की गहन जांच करेगी. यह हाई-टेक कार सेंसर और लेजर की मदद से पटरियों की खामियों का पता लगाएगी, जिससे रेल परिचालन सुरक्षित होगा.

विज्ञापन

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जंक्शन पर दोपहर लखनऊ से आयी विशेष ट्रैक रिकॉर्डिंग कार ने पटरियों की गहन जांच की. अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (RDSO) की यह हाई-टेक कार इंजन और दो आधुनिक कोचों के साथ प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर पहुंची. कुछ देर रुकने के बाद इसमें पानी भरा गया और फिर यह समस्तीपुर रेलखंड की ओर रवाना हो गयी. विशेष तरह की बोगी और उपकरणों से लैस इस कार को देखकर स्टेशन पर मौजूद यात्री भी कौतूहल से इसे देखते रहे. यह कार पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न रेल मंडलों में रेल पटरियों की तकनीकी स्थिति की जांच कर रही है.

विज्ञापन

मुजफ्फरपुर पहुंची RDSO की विशेष ट्रैक रिकॉर्डिंग कार

लखनऊ से आयी ट्रैक रिकॉर्डिंग कार को पटरियों की तकनीकी स्थिति का विस्तृत आकलन करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रुकने के बाद कार समस्तीपुर रेलखंड की ओर रवाना हुई. इसके माध्यम से रेल पटरियों की स्थिति से जुड़ा विस्तृत तकनीकी डेटा जुटाया जाएगा.

सेंसर और लेजर से स्कैन होती हैं पटरियों की खामियां

ट्रैक रिकॉर्डिंग कार में हाई-टेक सेंसर, लेजर आधारित मेजरमेंट सिस्टम और ऑप्टिकल कैमरे लगे होते हैं. चलती ट्रेन के दौरान ये उपकरण पटरियों के गॉज, घुमाव, समतलता, जोड़ों और अन्य तकनीकी मानकों की लगातार जांच करते हैं. इससे पटरियों में मौजूद ऐसी गड़बड़ियों का भी पता लगाने में मदद मिलती है, जिन्हें सामान्य निरीक्षण में पकड़ना मुश्किल होता है.

कंप्यूटर सिस्टम में तुरंत दर्ज होता है पूरा डेटा

निरीक्षण के दौरान पटरियों की स्थिति से जुड़ा डेटा कार में लगे कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज होता रहता है. कहीं मानक से अधिक गड़बड़ी मिलने पर संबंधित स्थान की जानकारी दर्ज की जाती है. तकनीकी आंकड़ों के आधार पर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग को आवश्यक मरम्मत या सुधार के लिए कार्रवाई करने में मदद मिलती है.

GPS लोकेशन से चिन्हित होगी खराब पटरी

ट्रैक रिकॉर्डिंग कार की तकनीक से पटरियों में मिलने वाली गड़बड़ी को संबंधित लोकेशन के साथ चिन्हित किया जा सकता है. इससे इंजीनियरिंग टीम को समस्या वाले स्थान तक पहुंचने और जरूरी सुधार करने में सुविधा होती है. समय रहते तकनीकी खामियों की पहचान होने से ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलती है.

सुरक्षित रेल परिचालन में मिलेगी मदद

ट्रैक रिकॉर्डिंग कार से मिली जानकारी के आधार पर पटरियों की मरम्मत और रखरखाव की योजना बनाने में रेलवे को मदद मिलती है. इससे संभावित तकनीकी समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सकती है और यात्री ट्रेनों का सुरक्षित एवं सुगम परिचालन सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है.

यह भी पढ़ें: बंगाल में मिल सकता है करोड़ों का दुर्गा पूजा अनुदान तो बिहार में क्यों नहीं? मनोज झा ने सरकार से मांगा जवाब

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन