13 दिन बाद खत्म हुई आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल, वार्ता के बाद बंदरा सीएचसी में बनी सहमति
आंदोलन करती आशा कर्मचारी
Muzaffarpur ASHA Workers Strike: मुजफ्फरपुर के बंदरा सीएचसी में लंबित मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर 24 जून से जारी आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त हो गई. सीएचसी प्रभारी से वार्ता के बाद आशा कार्यकर्ता काम पर लौट आईं.
Muzaffarpur ASHA Workers Strike: बंदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लंबित मानदेय भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर 24 जून से चल रही आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई. सीएचसी प्रभारी के साथ हुई वार्ता के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने आंदोलन वापस लेने का फैसला लिया.
आपके शहर में
यह भी पढ़ें: 21 साल से वही स्वाद… मुजफ्फरपुर के इस समोसे के लिए आज भी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग
प्रखंड अध्यक्ष निभा कुमारी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल थीं. हड़ताल के दौरान कार्यकर्ताओं ने मानदेय भुगतान और अन्य लंबित मांगों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया था.
वार्ता के बाद बनी सहमति
सोमवार को सीएचसी प्रभारी डॉ. नौशाद अहमद के साथ हुई बातचीत के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की.
सीएचसी प्रभारी ने बताया कि मानदेय भुगतान समेत आशा कार्यकर्ताओं की कई मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि कुछ मांगें उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं. ऐसे मामलों से संबंधित प्रतिवेदन वरीय अधिकारियों को भेज दिया गया है.
यह भी पढ़ें: आलू की खेती से लाखों कमाना चाहते हैं? कृषि वैज्ञानिक ने बताए बंपर मुनाफे के आसान तरीके
24 जून से जारी था आंदोलन
आशा कार्यकर्ताओं ने 24 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी. आंदोलन के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा था.
अब हड़ताल समाप्त होने के बाद आशा कार्यकर्ता पुनः अपने नियमित कार्यों में जुट जाएंगी, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है.
यह भी पढ़ें: हर साल क्यों डूब जाता है मुजफ्फरपुर? नेपाल से लेकर बूढ़ी गंडक तक जानिए बाढ़ की पूरी कहानी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए