अपनी जीवनशैली में बदलाव से ही संभव है पर्यावरण का संरक्षण, संगोष्ठी में वक्ताओं ने जताई चिंता

राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ ने पर्यावरण प्रदूषण पर किया कार्यक्रम का आयोजन | Prabhat Khabar Network
मुजफ्फरपुर में आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने जीवनशैली में बदलाव को पर्यावरण प्रदूषण के समाधान का मुख्य जरिया बताया. वक्ताओं ने प्रकृति पूजा की समृद्ध भारतीय परंपराओं का भी उल्लेख किया.
Muzaffarpur Environment Seminar: पर्यावरण प्रदूषण आज विकराल रूप धारण कर हमारे सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है. इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान हम अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर ही कर सकते हैं. महानगर में प्रबुद्ध जनों की एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के कार्यों और राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता परीक्षा की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला.
हमारी संस्कृति में प्रकृति पूजा की समृद्ध परंपरा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर बिहार प्रांत कार्यकारिणी सदस्य विजय जायसवाल ने लोगों को सचेत किया. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से अपने ज्ञान, विज्ञान और अद्भुत परंपराओं से विश्व का मार्गदर्शन करता रहा है. हमारे पूर्वजों ने आदिकाल से ही प्रकृति के साथ समरसता और साहचर्य का परिचय दिया है. भारत में कोई भी पर्व या त्योहार प्रकृति की पूजा के बिना शुरू नहीं होता है.
प्रतियोगिता में अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुजफ्फरपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राध्यापक मिथिलेश झा ने छात्रों और युवाओं से पर्यावरण जागरूकता प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना बेहद जरूरी है. कार्यक्रम का विषय प्रवेश सुधांशु ने कराया, जबकि सफल संचालन महानगर प्रचार प्रमुख अजय ने किया.
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By Vinay Kumar
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