9-10 माह के बाद दूध छोड़ रहे बच्चे, कम उम्र में हड्डियों और पीठ दर्द की शिकायत पर डॉक्टर चिंतित

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सांकेतिक तस्वीर

बच्चों में कम उम्र में ही गर्दन, पीठ और कमर दर्द की शिकायतें सामने आ रही हैं। चिकित्सकों ने चिंता जताई है कि कई बच्चे 9-10 महीने की उम्र के बाद ही मां का दूध छोड़ रहे हैं, जिससे उनके शारीरिक विकास और हड्डियों की मजबूती पर असर पड़ रहा है.

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Health News: मुजफ्फरपुर. बच्चों में पर्याप्त पोषण की कमी को लेकर चिकित्सकों ने चिंता जतायी है. सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे बच्चों में कम उम्र में गर्दन, कंधे, पीठ और कमर दर्द जैसी शिकायतें सामने आने की बात कही गयी है. चिकित्सकों के अनुसार, कई बच्चे 9 से 10 माह की उम्र के बाद मां का दूध छोड़ देते हैं. इसके बाद पोषण की कमी होने पर उनके शारीरिक विकास और हड्डियों की मजबूती पर असर पड़ सकता है.

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9-10 माह के बाद दूध छोड़ रहे बच्चे

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेरणा के अनुसार, वर्तमान में कई माताएं बच्चों को लंबे समय तक स्तनपान नहीं करा रही हैं. इसके स्थान पर गाय का दूध या पैकेट वाला दूध देना शुरू कर देती हैं.

उन्होंने बताया कि बच्चों को उम्र के अनुसार पर्याप्त पोषण नहीं मिलने पर आगे चलकर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आ सकती हैं. अस्पताल में कम उम्र के बच्चों में जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की शिकायतें भी सामने आने की बात कही गयी है.

20 साल तक हड्डियों में जमा होता है कैल्शियम

चिकित्सकों के अनुसार, बचपन और किशोरावस्था हड्डियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण समय होता है. इस दौरान शरीर में कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है.

हड्डी रोग विभाग के डॉ. ज्ञानेंद्रू शेखर के अनुसार, कम उम्र के बच्चे रीढ़, पीठ और गर्दन में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. किशोरावस्था में पोषण और कैल्शियम की कमी का असर हड्डियों की मजबूती पर पड़ सकता है.

दूध छोड़ने की बतायी जा रही ये वजहें

चिकित्सकों के अनुसार बच्चों को स्तनपान कराने की अवधि कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें माताओं का वजन बढ़ने का डर, बच्चे को दूध का स्वाद पसंद नहीं आना और लैक्टोज इनटॉलरेंस जैसी समस्याएं शामिल हैं.

इसके अलावा माताओं द्वारा चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन तथा सुबह की व्यस्तता के कारण बच्चों को पर्याप्त समय तक दूध नहीं पिला पाना भी एक वजह बतायी गयी है.

कैल्शियम की कमी से हो सकती हैं ये परेशानियां

पोषण और कैल्शियम की कमी का असर बच्चों के शारीरिक विकास पर पड़ सकता है. चिकित्सकों के अनुसार इससे हड्डियों की मजबूती प्रभावित हो सकती है.

इसके अलावा मांसपेशियों में खिंचाव, दर्द और लगातार थकान जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. इसलिए बच्चों के खान-पान और पोषण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गयी है.

कम से कम 15 माह तक स्तनपान कराने की सलाह

डॉ. प्रेरणा ने कहा कि 9 माह के बाद बच्चों द्वारा दूध छोड़ना चिंताजनक हो सकता है. उन्होंने माताओं को बच्चों को कम से कम 15 माह तक स्तनपान कराने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि इसी उम्र में बच्चे के चलने और बैठने जैसे विकासात्मक पड़ाव महत्वपूर्ण होते हैं. हालांकि, हर बच्चे की पोषण संबंधी जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए किसी भी परेशानी की स्थिति में बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है.

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