100 शेल कंपनियों से 200 करोड़ से ज्यादा हुए ट्रांसफर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Jun 2019 6:07 AM

विज्ञापन

पटना : मुजफ्फरपुर में इडी (प्रवर्तन निदेशालय) की छापेमारी के दौरान 100 के करीब शेल कंपनियों का पता चला है, जिनके तार कोलकाता, नयी दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, लखनऊ समेत करीब एक दर्जन शहरों में फैले हुए हैं. मुजफ्फरपुर में जिन व्यापारियों के यहां छापेमारी हुई, उनमें राजकुमार गोयंका, पंकज अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, अशोक अग्रवाल […]

विज्ञापन

पटना : मुजफ्फरपुर में इडी (प्रवर्तन निदेशालय) की छापेमारी के दौरान 100 के करीब शेल कंपनियों का पता चला है, जिनके तार कोलकाता, नयी दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, लखनऊ समेत करीब एक दर्जन शहरों में फैले हुए हैं.

मुजफ्फरपुर में जिन व्यापारियों के यहां छापेमारी हुई, उनमें राजकुमार गोयंका, पंकज अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, अशोक अग्रवाल शामिल हैं. परंतु ब्लैकमनी को व्हाइट करने के इस पूरे नेक्सस में दूसरे शहरों के अन्य व्यापारी के अलावा कई सफेदपोश और कुछ नामचीन लोग भी शामिल हैं.
यह पूरा नेटवर्क चार लेयर में काम करता है. अब तक जिन लोगों के यहां छापेमारी हुई है, वे सभी इस नेटवर्क में पहले और दूसरे लेयर के लोग हैं. तीसरे और चौथे लेयर में बड़े लोग शामिल हैं, जिन पर हाथ डालने के पहले कई अहम सबूत जुटाये जा रहे हैं. इसमें यूपी और बिहार के भी कुछ बड़े सफेदपोश शामिल हैं. अब तक की जांच में इन 100 शेल कंपनियों में 200 करोड़ से ज्यादा रुपये का हेर-फेर किया गया है. इन फर्जी कंपनियों में पैसे डालकर इन्हें फिर दूसरी और तीसरी फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर हुए हैं.
इडी की इस कार्रवाई के पहले आयकर विभाग ने भी इस नेक्सस पर कार्रवाई की थी. इसी दौरान बड़ी संख्या में शेल कंपनियों में अवैध रूप से ट्रांजैक्शन का पता चला था. इस मामले में मनी लॉड्रिंग की बात सामने आने पर आयकर विभाग ने इस केस को इडी को ट्रांसफर किया था. इसके बाद पूरी जांच शुरू की गयी है. इसमें मुजफ्फरपुर, कोलकाता समेत अन्य कई शहरों में छापेमारी हुई है, जिसमें बड़ी संख्या में शेल कंपनियों से जुड़े कागजात मिले हैं.
इसमें यह पता चला है कि अवैध रुपये को पहले मुजफ्फरपुर में मौजूद शेल कंपनियों के खातों में जमा किये जाते थे. फिर इन्हें कोलकाता की शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया जाता था. यहां से ये रुपये अन्य शहरों में मौजूद शेल कंपनियों में भेजे जाते थे. इस तरह के कई चैनल से होते हुए ये रुपये अंत में मुख्य व्यक्ति के खाते में सफेद होकर पहुंचते थे. इस पूरे खेल में हर स्टेज पर कमीशन बंधा हुआ था, जिसका जितना रोल, उसे उतना कमीशन.
हालांकि, इडी जब्त कागजातों की गहन जांच करने में जुटी हुई है. जांच पूरी होने के बाद इस पूरे रैकेट में कई नामचीन लोगों के चेहरे से पर्दा उठने की संभावना है और अवैध लेन-देन का दायरा भी बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है.
मुजफ्फरपुर में कैश जमा होता था, फिर इसे कोलकाता किया जाता था ट्रांसफर
पहले हुई आयकर की छापेमारी में मनी लांड्रिंग का मामला सामने आने पर इडी को ट्रांसफर हुआ था केस
मुजफ्फरपुर व कोलकाता में छह स्थानों पर छापेमारी में मिले शेल कंपनियों से जुड़े सैकड़ों कागजात
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन