बिहार में दिसंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में हो सकता है नगर निकाय चुनाव, दो चरणों में मतदान की संभावना

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बिहार निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका चुनाव को लेकर नौ सितंबंर 2022 को कार्यक्रम जारी कर दिया था. उस दिन से राज्य की नगरपालिकाओं में आदर्श आचार संहिता लागू है.

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  • 50 हजार से अधिक परिवारों का जुटाया गया आंकड़ा

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  • 22 हजार से अधिक गणना करनेवाले कर्मी लगाये गये

  • 1050 वार्डों का आंकड़ा किया गया संग्रह

  • पटना. राज्य में स्थगित नगर निकाय चुनाव की तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है. यह संभावना है कि दिसंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में दो चरणों में चुनाव करा लिया जायेगा. दिसंबर में संभावित नगरपालिका चुनाव में उन 24 नगरपालिकाओं के सभी वार्डों का चुनाव भी होने की संभावना है, जिनकी तैयारी पूरी नहीं हुई थी. अब उन 24 नगरपालिकाओं के वार्डों सहित मेयर और उप मुख्य पार्षद के पदों का आरक्षण का काम पूरा हो गया है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका चुनाव को लेकर नौ सितंबंर 2022 को कार्यक्रम जारी कर दिया था. उस दिन से राज्य की नगरपालिकाओं में आदर्श आचार संहिता लागू है. यह राज्य में अब तक का सबसे समय तक प्रभावी होने वाला आदर्श संहिता का कार्यकाल है. मालूम हो कि पटना हाइकोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य की 224 नगरपालिकाओं के चुनाव का कार्यक्रम चार अक्तूबर को तत्काल प्रभाव से स्थगित करते हुए निर्वाचन की अगली तिथि पर चुनाव कराने का निर्णय लिया था.

    आयोग की तैयारी पहले ही पूरी

    इधर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तैयारी पहले से ही पूरी कर ली गयी है. साथ ही आदर्श आचार संहिता भी समाप्त नहीं किया गया है. ऐसे में चुनाव कराने में किसी तरह की अड़चन नहीं है. जानकारों का कहना है कि नगरपालिका चुनाव में अत्यंत पिछड़े वर्गों के आरक्षण को लेकर तीन स्तरीय जांच को अमली जामा देने की कवायद करीब-करीब पूरी हो गयी है. इस दिशा में अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए गठित राज्य आयोग द्वारा सभी जिलों का दौरा कर लिया गया है.

    रिपोर्ट आने के बाद चुनाव का रास्ता होगा साफ

    मालूम हो कि आयोग ने एएन सिन्हा सामाजिक शोध संस्थान को अत्यंत पिछड़े वर्गों की फिल्ड स्टडी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी. जानकारों का कहना है कि यह रिपोर्ट और आयोग द्वारा तैयार रिपोर्ट नवंबर के अंत या दिसंबर के पहले सप्ताह में सरकार को सौंप दी जायेगी. संस्थान द्वारा फिल्ड स्टडडी के दौरान 50 हजार से अधिक परिवारों का आंकड़ा इकट्ठा किया गया है. इसके लिए 22 हजार से अधिक गणना करनेवाले कर्मियों को लगया गया था. एएन सिन्हा संस्थान के 38 मास्टर रिसोर्स पर्सन ने हाउस होल्ड सर्वे कराया है. इसके तहत राज्य के सभी 1050 वार्डों का आंकड़ा संग्रह किया गया है. इन सभी आंकड़ों की प्रोसेसिंग की जा रही है. इसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी. इसकी अंतिम प्रक्रिया चल रही है. रिपोर्ट आने के बाद राज्य में नगरपालिका चुनाव का रास्ता साफ हो जायेगा.

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