आरएसएस ने मनाया स्थापना दिवस सह विजय उत्सव

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आरएसएस ने मनाया स्थापना दिवस सह विजय उत्सव

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जमालपुर

विजयादशमी के दिन ही 1925 में डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी. अगले वर्ष संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने वाला है. इस दौरान कई परेशानियां आई और कई बार संघ पर प्रतिबंध भी लगाया गया. आने वाले वर्षों में देश कई चुनौतियों का सामना करेगा. जिसके लिए शक्ति एकत्रित करने की योजना पर काम किया जा रहा है. उक्त बातें आरएसएस प्रांत प्रचारक आशीष कुमार ने गुरुवार को जमालपुर में आयोजित स्थापना दिवस सह विजयादशमी उत्सव में कही.

उन्होंने कहा कि आरएसएस के कारण आज कश्मीर पूर्वोत्तर भारत का अंग बना है. इसके लिए कई स्वयंसेवकों और संघ के प्रचारकों ने बलिदान दिया. कश्मीर से धारा 370 हटाने में संघ की महत्वपूर्ण भूमिका रही. 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी संघ को समाप्त करना चाहती थी. देश पर आपातकाल ठोक दिया गया. द्वितीय सर संघ चालक श्रीगुरु को जेल में डाल दिया गया, परंतु संघ इससे बाहर निकाला. हिंदू समाज के बांटने के लिए आक्रांताओं ने हमारे मंदिरों को ध्वस्त कर दिया. विक्रमशिला तक्षशिला नालंदा जैसे विश्वविद्यालय को समाप्त कर दिया देश भी बढ़ता चला गया. मुख्य अतिथि जीसी पांडेय ने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवक इतिहास गढ़ रहे हैं. संघ एक सांस्कृतिक व सामाजिक संगठन है. इससे पूर्व शस्त्र पूजन किया गया. साथ ही सदर बाजार से पद संचलन निकाला गया. जो जुबली वेल, स्टेशन रोड, बराट चौक, सदर बाजार, भारत माता चौक, गेट नंबर 6 होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा. मौके पर चंद्रशेखर खेतान, जिला प्रचार प्रमुख बसंत राणा, विक्रम कुमार, रितेश कुमार, सुमंत ठाकुर, विपिन, भावेश चौधरी, अभिषेक आनंद, विशाल कुमार, मनोज, विमल कुमार, सुमित कुमार आदि मौजूद थे.

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