मुंगेर में महाने नदी का डायवर्सन बारिश में बदहाल, गड्ढों-कीचड़ के बीच गुजर रहे लोग,बढ़ा हादसे का खतरा
महाने नदी के डायवर्सन पर मंडरा रहा खतरा | Prabhat Khabar Network
बरसंडा गांव के पास महाने नदी का डायवर्सन भारी बारिश से खतरे में है. लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे डायवर्सन पर गड्ढे और कीचड़ जमा हो गए हैं. इससे वाहनों और स्कूली छात्रों के आवागमन में भारी परेशानी हो रही है.
Mahane River Diversion: मुंगेर. टेटियाबंबर प्रखंड मुख्यालय से थाना और अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क पर बरसंडा गांव के समीप महाने नदी का डायवर्सन इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है. लगातार हो रही झमाझम बारिश ने इस रास्ते की हालत बिगाड़ दी है. नदी में पानी का बहाव तेज होने के साथ डायवर्सन पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और मिट्टी-कीचड़ जमा हो गया है. ऐसे में इस रास्ते से गुजरना अब आसान नहीं रह गया है.
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सबसे बड़ी चिंता यह है कि बारिश और बढ़ी या नदी का जलस्तर ऊपर गया, तो डायवर्सन पर आवागमन पूरी तरह बाधित होने का खतरा पैदा हो सकता है. यह रास्ता सिर्फ स्थानीय लोगों के आने-जाने का साधन नहीं है, बल्कि प्रखंड मुख्यालय, थाना और अस्पताल तक पहुंचने के लिए भी महत्वपूर्ण है. ऐसे में डायवर्सन की खराब होती स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
गड्ढों में फंस रहे वाहन, दोपहिया चालकों की बढ़ी मुश्किल
ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से बनाए गए डायवर्सन पर बारिश के बाद कई जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं. इन गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा हो जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा है. चारपहिया वाहन चालक किसी तरह रास्ता पार कर रहे हैं, लेकिन कई वाहन गड्ढों में फंस जा रहे हैं.
दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और ज्यादा जोखिम भरी है. उन्हें कीचड़ और गड्ढों के बीच बेहद सावधानी से बाइक या साइकिल निकालनी पड़ रही है. थोड़ी सी असावधानी होने पर वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, डायवर्सन पर मिट्टी और कीचड़ अधिक जमा हो जाने के कारण कई साइकिल और मोटरसाइकिल चालक फिसलकर गिर भी चुके हैं. इससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
स्कूल जाने वाले बच्चों की भी बढ़ी परेशानी
बारिश में कीचड़ से भरे रास्ते पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों को गड्ढों और फिसलन के बीच रास्ता पार करना पड़ता है. अभिभावकों की चिंता भी इसी वजह से बढ़ रही है कि लगातार बारिश के बीच बच्चों को इस जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है.
महाने नदी का बहाव बढ़ा तो क्या होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा और महाने नदी का जलस्तर और बढ़ गया, तो डायवर्सन की स्थिति क्या होगी. ग्रामीणों को आशंका है कि तेज बहाव के कारण डायवर्सन और कमजोर हो सकता है और एक समय के बाद यहां से आवागमन रोकना पड़ सकता है.
ऐसी स्थिति में प्रखंड मुख्यालय, थाना और अस्पताल जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. रोजमर्रा के काम से इस रास्ते पर निर्भर रहने वाले लोगों के लिए भी आवागमन मुश्किल हो जाएगा.
Mahane River Diversion: लोगों ने विभाग से तत्काल मरम्मत की मांग की
डायवर्सन की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने ग्रामीण कार्य विभाग से तत्काल पहल करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि डायवर्सन पर पत्थर और बालू डालकर गड्ढों को भरा जाए और कीचड़ की समस्या को दूर किया जाए, ताकि बारिश के दौरान भी रास्ते पर आवागमन सुचारु बना रहे.
लोगों की मांग सिर्फ रास्ता चलने लायक बनाने तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि समय रहते डायवर्सन को मजबूत किया गया तो फिसलने और वाहन दुर्घटना जैसी घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है.
फिलहाल लगातार बारिश के बीच डायवर्सन की स्थिति खराब होती जा रही है. अब निगाह इस बात पर है कि ग्रामीण कार्य विभाग कब तक इसकी मरम्मत कराकर लोगों को राहत देता है. बारिश और नदी के बढ़ते बहाव के बीच समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह रास्ता आने वाले दिनों में और बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है.
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