मुंगेर व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत: 14 बेंचों पर 14,700 मामलों की सुनवाई, जानें कैसे मिलेगा तुरंत समाधान
मुंगेर व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत शुरू हो गई है, जहाँ 14,700 लंबित मुकदमों को निपटाने का लक्ष्य है. यह पक्षकारों को अदालती खर्च और लंबी प्रक्रियाओं से राहत दिलाकर त्वरित न्याय प्रदान करने का एक बड़ा अवसर है. बैंक ऋण, चेक बाउंस, और पारिवारिक विवाद जैसे विभिन्न सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया जा रहा है.
अगर आप मुंगेर व्यवहार न्यायालय में लंबे समय से लंबित मुकदमों की तारीखों और अदालती खर्च से राहत पाना चाहते हैं, तो आज का दिन आपके लिए बड़ा अवसर लेकर आया है. शनिवार को मुंगेर कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन शुरू हो गया है, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में वादकारी और पक्षकार अपने विवादों को खत्म करने पहुंच रहे हैं.
न्यायालय परिसर में पक्षकारों की भारी भीड़ को देखते हुए मुंगेर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि लोगों को बिना किसी परेशानी के त्वरित न्याय मिल सके.
14,700 मुकदमों के त्वरित निष्पादन का रखा गया है लक्ष्य
मुंगेर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव दिनेश कुमार ने बताया:
- बड़ा लक्ष्य: इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 14,700 मुकदमों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
- 14 न्यायिक बेंचों का गठन: मामलों की त्वरित सुनवाई और सुगम संचालन के लिए न्यायालय परिसर में कुल 14 विशेष न्यायिक बेंच बनाई गई हैं.
- विशेषज्ञ न्यायिक पदाधिकारी: हर बेंच पर न्यायिक पदाधिकारियों और सुलहकर्ताओं की तैनाती की गई है, जो दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझौते की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं.
आपसी सहमति से विवाद खत्म, समय और पैसे दोनों की बचत
लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी की हार या जीत नहीं होती, बल्कि आपसी तालमेल से फैसला होता है:
- स्थायी समाधान: लोक अदालत में हुए फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे सालों से चली आ रही कानूनी दुश्मनी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है.
- लंबी प्रक्रिया से मुक्ति: पक्षकारों को कोर्ट फीस में छूट और त्वरित आदेश की प्रति तुरंत उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें तारीख पर तारीख की भागदौड़ से मुक्ति मिल रही है.
किन-किन मामलों की हो रही है सुनवाई?
कोर्ट परिसर में स्थापित 14 बेंचों पर विभिन्न प्रकार के दीवानी और सुलहनीय मामलों का निपटारा किया जा रहा है:
- बैंक ऋण वसूली और लोन सेटलमेंट के मामले
- चेक बाउंस (एनआई एक्ट) से जुड़े विवाद
- बिजली और पानी के बकाया बिल के मामले
- मोटर दुर्घटना दावा (MACT) और बीमा विवाद
- पारिवारिक, वैवाहिक एवं भरण-पोषण से जुड़े मामले
- राजस्व, भूमि विवाद और सुलह योग्य फौजदारी (आपराधिक) मुकदमे
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शाम तक चलने वाली इस लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए सभी कर्मियों को तत्परता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए