मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर, दर्जनभर मोहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी

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मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. शहर के निचले इलाकों और तटवर्ती गांवों में पानी घुसने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं. फसलें डूबने और मवेशियों के चारे की समस्या खड़ी हो गई है.

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मुंगेर. गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने मुंगेर में बाढ़ की स्थिति को विकराल बना दिया है. गंगा खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. जलस्तर बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में पानी तेजी से फैलने लगा है. शहर से लेकर गांव तक कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. मुंगेर शहर के दर्जनभर से अधिक निचले मोहल्लों में पानी प्रवेश कर जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. वहीं दियारा क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क मुख्य इलाके से लगभग कट गया है.

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तटवर्ती और दियारा गांवों में बढ़ी मुश्किल

गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर तटवर्ती और दियारा क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. टीकापुर, जाफरपुर, जफरनगर, कुतलूपुर, जन्मडिग्री सहित कई गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गये हैं. गांव की सड़कों और संपर्क पथों पर पानी फैल जाने से लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है.

जरूरी सामान के लिए नाव का सहारा

बाढ़ के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. कई संपर्क मार्गों पर पानी फैल जाने से पैदल और दोपहिया वाहनों से आवागमन मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों के लिए बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचना चुनौती बन गया है.

खेतों में पानी भरने से फसलें डूबीं

बाढ़ का पानी खेतों में भी फैल गया है. इससे कई जगहों पर फसलें डूब गयी हैं. किसानों के सामने फसल बर्बाद होने से आर्थिक नुकसान की चिंता खड़ी हो गयी है. वहीं दियारा क्षेत्र के पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारे और सुरक्षित स्थान की समस्या भी बढ़ गयी है.

शहर के निचले मोहल्लों में घरों तक पहुंचा पानी

गंगा का पानी शहर के निचले इलाकों में भी प्रवेश कर चुका है. लालदरवाजा, हेरूदियारा, शिवनगर सहित दर्जनभर मोहल्लों में सड़कों और गलियों पर पानी जमा है. कई जगहों पर घरों के आसपास पानी पहुंच जाने से लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हो रही है. जलजमाव के कारण लोगों के रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है. पानी बढ़ने के साथ संक्रमण और पेयजल की समस्या को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गयी है.

बरियारपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में घुसा पानी

बरियारपुर में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गयी है. निचले इलाकों में पानी फैलने के बाद प्रखंड कार्यालय परिसर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इससे कार्यालय के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है. प्रखंड क्षेत्र के गंगा किनारे बसे गांवों में भी स्थिति लगातार बिगड़ रही है.

ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे ग्रामीण

जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है. कई स्थानों पर ग्रामीण सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं. लोगों को आशंका है कि यदि गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो और अधिक गांव और मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं.

पशुपालकों के सामने चारे और सुरक्षित ठिकाने की समस्या

दियारा क्षेत्र में पहले से ही बाढ़ का पानी काफी फैल चुका है. इससे पशुपालकों के सामने मवेशियों को सुरक्षित रखने और उनके लिए चारे की व्यवस्था करने की चुनौती पैदा हो गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो पशुधन को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना भी मुश्किल हो सकता है.

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