एनीमिया मुक्त भारत अभियान में बड़ा अंतर, मुंगेर-तारापुर-खड़गपुर अनुमंडल जांच में पिछड़े, पोर्टल पर आंकड़े भी अटके
मॉडल अस्पताल, मुुंगेर. | Prabhat Khabar Network
मुंगेर जिले में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत जांच का लक्ष्य पार कर लिया गया है, लेकिन चिंताजनक बात यह है कि 25% से भी कम जांच के आंकड़े ऑनलाइन दर्ज हुए हैं. अनुमंडल स्तर पर भी जांच धीमी गति से चल रही है, जो अभियान की सफलता पर सवाल खड़े कर रही है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुंगेर जिले में 25 अगस्त से शुरू किया गया एनीमिया मुक्त भारत अभियान 30 नवंबर तक चलेगा. अभियान का उद्देश्य महिलाओं, गर्भवतियों, धातृ महिलाओं और बच्चों में खून की कमी यानी एनीमिया की पहचान कर समय पर उपचार और बचाव सुनिश्चित करना है. अभियान के शुरुआती पांच दिनों के आंकड़े सामने आने के बाद जहां जिले ने कुल जांच के लक्ष्य को पार कर लिया है, वहीं तीनों अनुमंडल और ऑनलाइन डाटा अपलोडिंग की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है.
आपके शहर में
9,280 के लक्ष्य के मुकाबले 14,918 की जांच
अभियान के तहत 25 से 29 अगस्त तक जिले में कुल 9,280 लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित था. इसके मुकाबले स्वास्थ्य विभाग ने 14,918 लोगों की एनीमिया जांच कर 161 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है. यानी निर्धारित लक्ष्य से 5,638 अधिक महिलाओं, गर्भवतियों, धातृ महिलाओं और बच्चों की जांच की गयी.
लेकिन जांच के आंकड़ों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने की स्थिति इसके बिल्कुल उलट है. अब तक महज 2,308 जांच यानी 25 प्रतिशत डाटा ही पोर्टल पर अपलोड किया गया है. करीब 12,610 जांच के आंकड़े अब भी ऑनलाइन दर्ज नहीं हो सके हैं.
जांच में तीनों अनुमंडल लक्ष्य से पीछे
अभियान के शुरुआती पांच दिनों में जिले के तीनों अनुमंडल अन्य प्रखंडों की तुलना में पीछे रह गये हैं. तारापुर में 960 के लक्ष्य के मुकाबले 832 जांच हुई, जबकि खड़गपुर में 1,440 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,048 लोगों की जांच की गयी.
मुंगेर सदर में भी 2,240 के लक्ष्य के मुकाबले 2,169 जांच हुई. यानी जिले के तीनों अनुमंडल निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं कर सके. खास बात यह है कि मुंगेर में सदर अस्पताल तथा तारापुर और खड़गपुर में अनुमंडल अस्पताल संचालित हैं. इन अस्पतालों में ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों की तुलना में अधिक संख्या में महिलाएं और बच्चे इलाज के लिए पहुंचते हैं.
जमालपुर में सबसे अधिक जांच, ऑनलाइन डाटा फिर भी कम
प्रखंडवार आंकड़ों में जमालपुर ने 800 के लक्ष्य के मुकाबले 3,099 जांच करायी है. टेटियाबंबर में 560 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,491 और बरियारपुर में 880 के मुकाबले 2,569 जांच हुई.
असरगंज में 560 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,288, धरहरा में 1,040 के मुकाबले 1,526 और संग्रामपुर में 800 के विरुद्ध 896 जांच की गयी. हालांकि जांच के मुकाबले ऑनलाइन डाटा अपलोडिंग में सभी प्रखंड काफी पीछे हैं.
सिविल सर्जन ने मॉनिटरिंग का दिया भरोसा
सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत जांच प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है. तीनों अनुमंडलों को जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. साथ ही सभी प्रखंडों को जांच के बाद डाटा नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है.
पांच दिनों में प्रखंडवार स्थिति
| प्रखंड | लक्ष्य | जांच | ऑनलाइन | अंतर |
| टेटियाबंबर | 560 | 1,491 | 445 | 1,046 |
| बरियारपुर | 880 | 2,569 | 471 | 2,098 |
| संग्रामपुर | 800 | 896 | 279 | 617 |
| जमालपुर | 800 | 3,099 | 234 | 2,865 |
| असरगंज | 560 | 1,288 | 92 | 1,196 |
| धरहरा | 1,040 | 1,526 | 140 | 1,386 |
| तारापुर | 960 | 832 | 45 | 787 |
| खड़गपुर | 1,440 | 1,048 | 546 | 502 |
| मुंगेर सदर | 2,240 | 2,169 | 56 | 2,113 |
अभियान की सफलता केवल जांच की संख्या बढ़ाने से नहीं, बल्कि जांच के परिणामों को समय पर ऑनलाइन दर्ज करने और जरूरतमंद मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने से तय होगी. फिलहाल जिले में जांच और ऑनलाइन आंकड़ों के बीच का बड़ा अंतर स्वास्थ्य विभाग के सामने अहम चुनौती बना हुआ है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए