मुंगेर में गंगा का जलस्तर घटा, फिर भी 5 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में, राहत शिविरों में पहुंच रहे पीड़ित परिवार

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सीताकुंड मुख सड़क को जोड़ने वाले संपर्क पथ पर लबालब पानी. | Prabhat Khabar Network

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मुंगेर में गंगा का जलस्तर थोड़ा कम हुआ है, पर बाढ़ का संकट टला नहीं है. जिले के छह प्रखंडों की 37 पंचायतें और नगर निगम के 11 वार्ड इसकी चपेट में हैं. करीब 5 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 23 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं.

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मुंगेर. जिले में गंगा के जलस्तर में मंगलवार को मामूली गिरावट दर्ज की गयी, लेकिन बाढ़ की स्थिति में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं हुआ है. केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार शाम गंगा का जलस्तर 40.12 मीटर दर्ज किया गया था. रात 10 बजे जारी रिपोर्ट में यह घटकर 40.11 मीटर पर पहुंच गया. इसके बाद रातभर में करीब चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गयी और मंगलवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 40.08 मीटर रिकॉर्ड किया गया.

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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा के जलस्तर में आगे भी गिरावट जारी रहने की संभावना है. जलस्तर घटने से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं.

छह प्रखंडों की 37 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित

जलस्तर में गिरावट के बावजूद बाढ़ की त्रासदी कम होने की बजाय कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले के छह प्रखंडों की 37 पंचायतों के साथ नगर निगम क्षेत्र के 11 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं. करीब 4.72 लाख आबादी के बाढ़ प्रभावित होने की बात प्रशासनिक स्तर पर बतायी गयी है. वहीं, जमीनी स्थिति को देखते हुए वास्तविक रूप से पांच लाख से अधिक लोगों के बाढ़ की चपेट में आने की बात सामने आ रही है.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों का पलायन मंगलवार को भी जारी रहा. घरों में पानी प्रवेश करने और सुरक्षित स्थान की तलाश में बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों तथा सड़कों पर पहुंच रहे हैं.

23 राहत शिविरों में ले रहे शरण

बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रशासन की ओर से 23 राहत शिविर बनाये गये हैं. प्रभावित परिवार इन शिविरों में पहुंचकर शरण ले रहे हैं. प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, बड़ी संख्या में लोग अभी भी सड़कों और अन्य सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर रहने को मजबूर हैं.

संपर्क पथ पर तीन से चार फीट पानी

सीताकुंड मुख सड़क को न 80 से जोड़ने वाले संपर्क पद पर लबालब पानी, पाठ से प्रभावित क्षेत्र | Prabhat Khabar Network
संपर्क पथ पर लबालब पानी. | Prabhat Khabar Network

बाढ़ का पानी ग्रामीण सड़कों पर भी फैल गया है. सदर प्रखंड के हसनपुर-हरदियाबाद संपर्क पथ पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है. यह मार्ग मुंगेर-सीतापुर मुख्य मार्ग के साथ दर्जनभर गांवों को एनएच-80 से जोड़ता है. सड़क पर पानी का तेज बहाव होने के कारण इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है.

सड़क संपर्क बाधित होने से आसपास के ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों की नजर अब गंगा के जलस्तर में होने वाली आगे की गिरावट और बाढ़ का पानी कम होने पर टिकी हुई है.

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