बेकाबू पानी में बह रही विवश जिंदगियां

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Aug 2016 6:15 AM

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बाढ़ की तबाही . िजले में तीन लाख लोग हुए बेघर, राहत में आफत विनाशकारी बाढ़ अब पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है़ गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 60 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है़ ऊफनाती गंगा ने जहां सदर प्रखंड के बारह पंचायत को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया […]

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बाढ़ की तबाही . िजले में तीन लाख लोग हुए बेघर, राहत में आफत

विनाशकारी बाढ़ अब पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है़ गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 60 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है़ ऊफनाती गंगा ने जहां सदर प्रखंड के बारह पंचायत को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया है, वहीं सड़कों के ऊपर से बह रहे पानी ने दर्जनों गांव को टापू में तब्दील कर दिया है़ बिना नाव के लोगों को अपने घर से निकलना मुश्किल हो रहा है़ रिकॉर्ड तोड़ बाढ़ के बेकाबू पानी के आगे जिंदगियां विवश हुई पड़ी हैं.
मुंगेर : गंगा के विनाशकारी बाढ़ ने मुंगेर में तबाही मचा दी है. जिले के लगभग तीन लाख आबादी बेघर हो गये हैं और चारों ओर पानी ही पानी है. मुंगेर-भागलपुर राष्ट्रीय उच्च पथ 80 पर बरियारपुर में पानी का तेज बहाव हो रहा तो दूसरी ओर बरियारपुर-खड़गपुर मार्ग पर पानी भर जाने के कारण आवागमन ठप हो गया है. मुंगेर शहर के दो दर्जन मुहल्लों के हजारों घरों में पानी प्रवेश कर गया है. साथ ही लल्लू पोखर, खानकाह एवं कासिम बाजार मुख्य मार्ग पर पानी का बहाव हो रहा. प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ पीड़ितों के लिए कुल 31 राहत शिविर खोले गये हैं.
वैसे कई राहत शिविरों में भोजन की व्यवस्था नहीं होने के कारण त्राहिमाम मचा हुआ है. सन 1976 के बाद पहली बार मां गंगा अपने विनाशकारी रूप में उफन रही है. मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर उपर बह रही. मुंगेर में जलस्तर 39.93 पर पहुंच चुकी है. जबकि यहां खतरे के निशान 39.33 निर्धारित है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर धीमी गति से बढ़ रही है. जिससे और प्रलय की संभावना जतायी जा रही है. जिला पदाधिकारी उदय कुमार सिंह ने बताया कि मुंगेर में अबतक उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 2.62 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर राहत व बचाव का कार्य चल रहा है. एक ओर जहां राहत शिविर में लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा. तो दूसरी ओर जो लोग राहत शिविर नहीं पहुंच रहे उन्हें ढाई किलो चुरा व एक किलो गुड़, माचिस, मोमबत्ती का पैकेट बनाकर उपलब्ध कराया जा रहा है.
राहत नहीं मिलने पर सड़क जाम
मुंगेर मुख्यालय के कई राहत शिविरों में भोजन नहीं मिलने के कारण सोमवार की शाम आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने नगर निगम के समीप मुख्य सड़क को जाम कर दिया. बताया गया कि लाल दरवाजा एवं दलहट्टा क्षेत्र के लोग मॉडल इंटर उच्च विद्यालय में शरण लिये हुए हैं. जिसे सोमवार की दोपहर तक भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया. जिसके विरोध में आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया और भोजन की मांग की.
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