मिथिला में हुआ था सर्वप्रथम जनतंत्र का अभ्युदय

Published at :29 Dec 2014 10:03 PM (IST)
विज्ञापन
मिथिला में हुआ था सर्वप्रथम जनतंत्र का अभ्युदय

प्रतिनिधि , जमालपुरनयागांव जमालपुर में अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद के 66 वें कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में सोमवार को दूसरे दिन मिथिला के इतिहास पर चर्चा हुई. अध्यक्षता प्राचार्य प्रो विनोदानंद झा ने की. परिषद के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. धनाकर ठाकुर ने कहा कि मिथिला भूमि का नाम शापग्रस्त राजा निमि की मृत्यु के बाद […]

विज्ञापन

प्रतिनिधि , जमालपुरनयागांव जमालपुर में अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद के 66 वें कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में सोमवार को दूसरे दिन मिथिला के इतिहास पर चर्चा हुई. अध्यक्षता प्राचार्य प्रो विनोदानंद झा ने की. परिषद के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. धनाकर ठाकुर ने कहा कि मिथिला भूमि का नाम शापग्रस्त राजा निमि की मृत्यु के बाद उनके शरीर के मंथन से उत्पन्न बालक मिथि के नाम पर पड़ा. जहां सबसे पहले जनतंत्र का अभ्युदय 57 वें जनक कराल के पतन के बाद हुआ. उन्होंने कहा कि माता सीता के पिता 16 वें जनक थे. जिन्हें सीतामढ़ी के पुनौरा में हल जोतने के समय पुत्री रूप में सीता जी मिली थी. मिथिला के दक्षिणी भाग वैशाली तथा लिच्छवी में जनतंत्र फूला-फला. 6-7 वीं सदी में राजा सल्हेश का शासन विस्तार तिब्बत तक था. बाद में बंगाल के बौद्ध मतावलंबी पाल वंश, सेन वंश तथा कर्णाट वंश का शासन रहा. ग्यासुद्दीन ने बाद में मिथिला पर आधिपत्य कर लिया. 1353 से 1957 तक वहां मैथिल ब्राह्मणों का शासन रहा. 1774 में अंग्रेजों ने सरकारी तौर पर तिरहुत को बोर्ड ऑफ रेवेन्यू पटना के अधीन कर मिथिला की पहचान को बिहार से मिटा दिया. पर आज भी मिथिला लोगों के मानस पटल पर जीवित है तथा इसका सांस्कृतिक विस्तार देवघर से चंपारण तक है. देश के 24 जिलों के लोग मिथिला को अलग राज्य बनाने की मांग कर रहे हैं. प्रो. नागेश्वर झा, सुबोध मिश्र, शशांक मिश्र, प्रो. दीपक कुमार सिंह, शंभु शरण झा, प्रो. मधुकांत झा, रविकांत, प्रो. रेणुबाला, प्रो नारायण यादव उपस्थित थे. धन्यवाद ज्ञापन उमेश नारायण ने किया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन