कमजोर परफॉर्मेंस वाले एएनएम की सूची मांगी
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन
मुंगेर : सिविल सर्जन डॉ पुरुषोत्तम कुमार ने सोमवार को सदर अस्पताल के सभागार में स्वास्थ्य अधिकारियों की विशेष बैठक बुलायी. जिसमें आयुष्मान भारत एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलाये जा रहे प्रोग्राम की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाना और बेहतर चिकित्सा सेवा देना ही हमलोगों का काम है. […]
विज्ञापन
मुंगेर : सिविल सर्जन डॉ पुरुषोत्तम कुमार ने सोमवार को सदर अस्पताल के सभागार में स्वास्थ्य अधिकारियों की विशेष बैठक बुलायी. जिसमें आयुष्मान भारत एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलाये जा रहे प्रोग्राम की समीक्षा की.
आपके शहर में
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाना और बेहतर चिकित्सा सेवा देना ही हमलोगों का काम है. इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. मौके पर एनसीडी पदाधिकारी डॉ सुधीर, डीआईओ डॉ पीसी सिन्हा, डीपीएम मो. नसीम मुख्य रूप से मौजूद थे.
सिविल सर्जन ने सभी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने पीएचसी में कार्यरत तीन-तीन पुअर परफॉमेंस वाले एएनएम की सूची तैयार कर उपलब्ध करायें. ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके बर्खास्तगी के लिए राज्य को लिखा जा सके. आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान सीएस ने कहा कि मुंगेर जिले में 7 लाख लाभुकों का गोल्डन कार्ड बनना है.
लेकिन अबतक मात्र 85 हजार गोल्डन कार्ड ही बन सका है. गोल्डन कार्ड बनाने के लिए लगातार शिविर लगाया जा रहा है. बावजूद इसके कार्ड बनाने में तेजी नहीं आ रही है. समीक्षा के दौरान बताया गया कि कमजोर सर्वर रहने के कारण कार्ड बनाने में परेशानी हो रही है.
जिसके बारे में राज्य स्तर पर इसकी जानकारी देने का निर्णय लिया गया. इधर जापानी बुखार को लेकर चर्चा हुई. सीएस ने जापानी बुखार के लिए तैयार जेई वैक्सीन के बारे में अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पीएचसी स्तर पर टीम का गठन किया गया है. जो अपने क्षेत्र के कम से कम दो स्कूल में पहुंच कर इसके बारे में प्रतिदिन बच्चों को जानकारी देंगे.
इसके तहत प्रथम टीका 9 से 12 माह के बीच और दूसरा 12 से 16 माह के बीच के बच्चों को दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि कई लोगों में भ्रांति है कि जेई के टीके सुरक्षित नहीं हैं और इनसे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. इसी भ्रांति को हमें दूर करना है. क्योंकि प्रयोगशाला में सभी तरह के प्रशिक्षण के बाद ही जेई वैक्सीन को रुटीन वैक्सीन में शामिल किया गया है.
डीएस से स्पष्टीकरण पूछते हुए रिपोर्ट देने का दिया आदेश
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को आदेश दिया है कि आपातकालीन कक्ष एवं आईसीयू वार्ड में व्याप्त कुव्यवस्थाओं को लेकर अस्पताल उपाधीक्षक से स्पष्टीकरण पूछे.
स्पष्टीकरण का जबाव मिलने के बाद अपने मंतव्य के साथ रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करायें. उन्होंने तत्काल अस्पताल प्रबंधक एंव दवा भंडारण पंजी को अद्यतन संधारित नहीं रखने वाले दोषी कर्मी का वेतन व मानदेय को स्थगित कर दिया था. साथ ही उन्होंने सिविल सर्जन के कार्यकलाप पर भी सवाल उठाते हुए उनके द्वारा उचित ढंग से अनुश्रवण नहीं किये जाने की बात कही थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन