स्वास्थ्य विभाग की रडार पर 23 नर्सिंग होम, कभी भी हो सकती है कार्रवाई

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बिना निबंधन नर्सिंग होम सील: मोतिहारी में स्वास्थ्य विभाग...

स्वास्थ्य विभाग की रडार पर 23 नर्सिंग होम, कभी भी हो सकती है कार्रवाई

मोतिहारी के मधुबन में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित 23 निजी नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और जांच घरों पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। नोटिस के बाद भी निबंधन न कराने वाले संस्थानों को सील किया जाएगा।

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Motihari Health Department Action: पूर्वी चंपारण के मधुबन में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित निजी नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और जांच घरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. विभाग ने 23 ऐसे संस्थानों की पहचान की है, जो बिना वैध निबंधन (रजिस्ट्रेशन) के संचालित हो रहे हैं. नोटिस देने और समय सीमा समाप्त होने के बाद अब इन संस्थानों को सील करने की तैयारी पूरी कर ली गई है.

नोटिस के बाद भी नहीं कराया रजिस्ट्रेशन

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इंद्रजीत कुमार ने बताया कि निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर और जांच घरों का वैध निबंधन अनिवार्य है. बिना रजिस्ट्रेशन के मरीजों का इलाज करना नियमों के विरुद्ध है.

उन्होंने बताया कि सभी 23 संस्थानों को पहले नोटिस जारी कर रजिस्ट्रेशन कराने का अवसर दिया गया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी अधिकांश संचालकों ने नियमों का पालन नहीं किया. अब इनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

फर्जी डॉक्टर के मामले के बाद तेज हुई जांच

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हाल के दिनों में एक फर्जी चिकित्सक द्वारा मरीज का इलाज किए जाने की सूचना मिलने के बाद पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई गई. जांच के दौरान कई निजी स्वास्थ्य संस्थानों में अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद व्यापक कार्रवाई का निर्णय लिया गया.

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने हाल के महीनों में कई अवैध क्लीनिकों और नर्सिंग होम पर कार्रवाई की है.

15 अप्रैल 2026: मधुबन प्रखंड मुख्यालय में एक निजी नर्सिंग होम में कथित तौर पर गर्भपात (एबॉर्शन) के दौरान महिला की मौत के बाद संस्थान को सील कर दिया गया था.

30 जून 2026: तेतरिया रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम को बच्चा चोरी और बेचने के आरोप में गिरफ्तार कथित झोलाछाप डॉक्टरों सुनील कुमार और विकास कुमार से जुड़े मामले में सील किया गया.

6 जुलाई 2026: डाक बंगला चौक पर संचालित बी. किशोर क्लीनिक और आरके मौर्या क्लीनिक को लगातार शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया था.

स्वास्थ्य विभाग ने दी सख्त चेतावनी

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध रजिस्ट्रेशन संचालित किसी भी निजी चिकित्सा संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा. विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा.

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Shashi Chandra Tiwary

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