जमाबंदी स्थानांतरण में 8 बड़ी गड़बड़ियां मिलीं, फिर भी कार्रवाई अधर में... पीड़ित न्याय के लिए भटक रहा

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मोतिहारी सदर अंचल में एक जमाबंदी स्थानांतरण मामले में 8 गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. शिकायतकर्ता नरेश प्रसाद ने जांच के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है. अधिकारी आगे की जांच का आश्वासन दे रहे हैं.

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Motihari News: सदर अंचल में एक जमाबंदी स्थानांतरण मामले की विभागीय जांच में आठ गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. मामला गोढ़वा गांव निवासी नरेश प्रसाद से जुड़ा है. जांच के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता न्याय की मांग कर रहे हैं.

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शिकायतकर्ता का कहना है कि वह अंचल कार्यालय से लेकर डीसीएलआर कार्यालय तक लगातार गुहार लगा रहे हैं.

जांच में सामने आईं कई खामियां

भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), सदर की जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि मौजा गोढ़वा, थाना संख्या-201, खाता संख्या-138, खेसरा संख्या-1212 की थी, जबकि स्थानांतरण मौजा मठिया, थाना संख्या-200 में दर्ज किया गया.

जांच के दौरान अभिलेख में कई आवश्यक दस्तावेज और विवरण नहीं मिले. इनमें अभिलेख संख्या का अभाव, राजस्व कर्मचारी के प्रतिवेदन पर तिथि नहीं होना, संशोधित अभिलेख के साथ अंचल अमीन की मापी रिपोर्ट का संलग्न नहीं होना तथा अन्य प्रक्रियागत कमियां शामिल थीं.

आवेदन की तारीख और स्वीकृति में भी मिली विसंगति

जांच में यह भी सामने आया कि अभिलेख में स्वीकृति आदेश की तिथि 28 जनवरी 2026 दर्ज है, जबकि परिमार्जन के लिए आवेदन 31 जनवरी 2026 को दिया गया. शिकायत के अनुसार, उसी दिन अंचलाधिकारी द्वारा परिमार्जन की स्वीकृति भी दे दी गई.

इसके अलावा राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट, जमाबंदीधारी या उत्तराधिकारी की सहमति से जुड़े साक्ष्य और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वंशावली भी अभिलेख में संलग्न नहीं पाई गई.

शिकायतकर्ता ने लगाया कार्रवाई में देरी का आरोप

शिकायतकर्ता नरेश प्रसाद का कहना है कि जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित हल्का कर्मचारी नीतू कुमारी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन लगभग दो महीने बाद भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

उन्होंने आरोप लगाया कि जांच करने वाले डीसीएलआर सदर और संबंधित हल्का कर्मचारी का तबादला हो चुका है, जिसके कारण मामले में लीपापोती की जा रही है. उनका कहना है कि उन्होंने सहयोग शिविर में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां भी समाधान नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने दोबारा आवेदन दिया है.

अधिकारी ने क्या कहा?

इस मामले पर अपर समाहर्ता, पूर्वी चंपारण मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि मामले की जांच की जा चुकी है और डीसीएलआर सदर को आगे की जांच पूरी करनी है.

उन्होंने कहा, "पूरी जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी."


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