मोतिहारी: भाकपा-माले की ग्राम सभा में सरकार पर निशाना, मनरेगा कमजोर करने और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

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भाकपा माले की ग्राम सभा में शामिल कार्यकर्ता

मोतिहारी में भाकपा-माले ने ग्राम सभा आयोजित कर सरकार की नीतियों की आलोचना की. नेताओं ने अतिपिछड़े, दलितों और भूमिहीन गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने, सार्वजनिक संस्थानों में भ्रष्टाचार और सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर चिंता जताई.

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 Motihari News: छौड़ादानो प्रखंड के बेला गांव में मंगलवार को भाकपा-माले ग्राम कमेटी की ओर से ग्राम सभा आयोजित की गई. मेवालाल महतो की अध्यक्षता और राजकुमार ठाकुर के संचालन में हुई सभा में पार्टी नेताओं ने सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा. वक्ताओं ने अतिपिछड़े, दलित, महादलित और भूमिहीन गरीब परिवारों के घरों पर अतिक्रमण के नाम पर बुलडोजर चलाने और उन्हें विस्थापित करने का आरोप लगाया.

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Chauradano News: गरीबों के घर बुलडोजर चलाने का लगाया आरोप

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड प्रभुदेव यादव, जिला सचिव कॉमरेड संजय कुमार और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि जिन अतिपिछड़े, दलित, महादलित और भूमिहीन गरीबों ने सरकार बनाने में भूमिका निभाई, उन्हीं के घरों पर अतिक्रमण के नाम पर कार्रवाई की जा रही है.

वक्ताओं ने कहा कि इससे गरीब परिवारों के सामने बेघर और विस्थापित होने का संकट खड़ा हो रहा है.

सार्वजनिक संस्थानों में भ्रष्टाचार का भी लगाया आरोप

भाकपा-माले नेताओं ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक संस्थानों को कब्जे में लेकर जनकल्याणकारी योजनाओं में लूट-खसोट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने सरकार से गरीब और वंचित परिवारों के हित में पारदर्शी तरीके से योजनाओं का संचालन सुनिश्चित करने की मांग की.

सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

सभा में सरकारी विद्यालयों की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों की स्थिति लगातार खराब हुई है. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की.

मनरेगा को कमजोर करने का लगाया आरोप

भाकपा-माले नेताओं ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है. उनका कहना था कि इससे ग्रामीण मजदूरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. नेताओं ने मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर बढ़ाने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की.

200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग

सभा में भाकपा-माले नेताओं ने ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए साल में न्यूनतम 200 दिन काम उपलब्ध कराने और 700 रुपये दैनिक मजदूरी निर्धारित करने की मांग की. वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण मजदूरों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त रोजगार और उचित मजदूरी जरूरी है.

गांव-गांव संगठन मजबूत करने का आह्वान

भाकपा-माले प्रखंड सचिव कॉमरेड रूपलाल शर्मा और खेग्रामस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांव-गांव में संगठन मजबूत करने का आह्वान किया. नेताओं ने ग्रामीण समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करने की बात कही.

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