बेतिया राज की 7272 एकड़ से अधिक जमीन सरकार की होगी, इन 6 जिलों में अधिसूचना जारी

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बेतिया राज की जमीन (सांकेतिक तस्वीर)

Bettiah Raj Land: बेतिया राज की जमीन को लेकर बिहार सरकार ने फैसला लिया है. गोपालगंज, सारण, सीवान, पटना, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जिले की 7272 एकड़ से अधिक जमीन सरकार की होगी. इसे लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.

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पटना से मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट

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Bettiah Raj Land: बेतिया राज की गोपालगंज, सारण, सीवान, पटना, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जिले की करीब 7272 एकड़ जमीन सरकार के अधीन होगी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि बेतिया राज की संपत्तियों को राज्य में निहित करने संबंधी कार्रवाई की गई. साथ ही 6 जिलों में स्थित बेतिया राज की जमीन के संबंध में अधिसूचनाएं जारी की हैं. उन्होंने बताया कि कुल 7272.16 एकड़ जमीन को बिहार राज्य में निहित किये जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है.

किस जिले में कितनी है जमीन?

सचिव ने बताया कि यह जमीन गोपालगंज, सारण, सिवान, पटना, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जिलों में स्थित है. इसके अंतर्गत पूर्वी चंपारण जिले की 7,194.56 एकड़, पश्चिम चंपारण जिले की 14.77 एकड़, गोपालगंज जिले की 35.58 एकड़, सारण जिले की 8.47 एकड़, सीवान जिले की 7.29 एकड़ और पटना जिले की 11.49 एकड़ जमीन शामिल है.

मुख्य सचिव ने क्या-क्या कहा?

सचिव ने कहा कि अधिसूचनाओं में संबंधित अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा संख्या और रकबा का स्पष्ट उल्लेख किया गया है. इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, फैक्चुअल और विधिसम्मत तरीके से संपन्न हो सकेगी. उन्होंने यह भी कहा कि बेतिया राज की संपत्तियां ऐतिहासिक और सार्वजनिक महत्व की धरोहर हैं.

राज्य सरकार इन संपत्तियों के व्यवस्थित अभिलेख, संरक्षण और राज्यहित में उनके उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि अधिसूचनाएं जारी होने के साथ ही संपत्तियों के राज्य में निहित होने की प्रक्रिया को कानूनी आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है.

इस वजह से लिया गया यह निर्णय

सचिव जय सिंह ने कहा कि बेतिया राज की संपत्तियों के संबंध में उठाया गया यह कदम राज्य की परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इससे भविष्य में इन परिसंपत्तियों का उपयोग विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा.

सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि जारी सभी अधिसूचनाएं राजपत्र में प्रकाशन के डेट से प्रभावी होंगी. विभाग की ओर से निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. अधिसूचना प्रकाशन के बाद सभी कार्रवाईयां संबंधित जिलों में नियमावली के हिसाब से की जाएंगी.

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