मधुबनी के सरकारी अस्पतालों में 26 नए कर्मियों की तैनाती, ऑपरेशन और ECG सेवाएं होंगी बेहतर

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माडल सदर अस्पताल

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मधुबनी के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है. स्वास्थ्य विभाग ने 24 शल्य कक्ष सहायकों और 2 ECG टेक्नीशियनों की तैनाती की है, जिससे ऑपरेशन थिएटर और ECG जांच की सुविधाओं में सुधार होगा. इससे मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है.

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Madhubani News: मधुबनी. जिले के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 24 नए शल्य कक्ष सहायकों और 2 ECG टेक्नीशियनों की पदस्थापना की है. सभी नवनियुक्त कर्मियों को जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अगले आदेश तक पदस्थापित किया गया है. नई तैनाती से ऑपरेशन थिएटर की सेवाओं के साथ ECG जांच व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है.

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ऑपरेशन थिएटर में सर्जनों को मिलेगा बेहतर सहयोग

24 नए शल्य कक्ष सहायकों की तैनाती से सदर अस्पताल सहित अनुमंडलीय अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों में सर्जनों को तकनीकी सहयोग मिलेगा. इससे शल्य चिकित्सा से जुड़े कार्यों को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी. अस्पतालों में लंबित ऑपरेशनों की संख्या कम होने और मरीजों को समय पर इलाज मिलने की उम्मीद है.

ECG जांच की व्यवस्था होगी और मजबूत

जिले में 2 नए ECG टेक्नीशियनों की तैनाती से दिल से जुड़ी बीमारियों की शुरुआती जांच और ECG रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को गति मिलेगी. अब मरीजों को ECG जांच के लिए लंबे समय तक इंतजार करने या निजी क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर का रुख करने की परेशानी कम होने की उम्मीद है.

सदर अस्पताल में मरीजों को मिलेगी सुविधा

स्वास्थ्य विभाग की ओर से सदर अस्पताल में ECG तकनीशियनों की स्थायी पदस्थापना की गयी है. इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को ECG जांच की सुविधा अधिक सुचारु तरीके से उपलब्ध हो सकेगी. पहले कई बार जांच की सुविधा समय पर नहीं मिलने के कारण मरीजों को निजी सेंटरों पर जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता था.

दस्तावेज सत्यापन के बाद होगा अंतिम पदस्थापन

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि योगदान के दौरान नवनियुक्त कर्मियों के सभी दस्तावेजों का जिला स्तरीय कमेटी द्वारा गहन सत्यापन किया जाएगा. इसके साथ ही योगदान से पहले सभी का मेडिकल बोर्ड के माध्यम से अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा.

फर्जी दस्तावेज मिलने पर रद्द होगी नियुक्ति

सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या फर्जी दस्तावेज मिलने पर संबंधित अभ्यर्थी की नियुक्ति तत्काल रद्द कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. सफल योगदान और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मियों को जिले के जरूरतमंद अस्पतालों में अंतिम रूप से पदस्थापित किया जाएगा.

बेहतर शल्य चिकित्सा सेवाओं पर विभाग का जोर

स्वास्थ्य विभाग की नई तैनाती का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है. शल्य कक्ष सहायकों और ECG टेक्नीशियनों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को जांच और इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है. इससे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर और समय पर सेवाएं मिल सकेंगी.

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