बकरी पालन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, ग्रामीण युवाओं को मिला स्वरोजगार का मंत्र
कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षु | Prabhat Khabar Network
मधुबनी में बकरी पालन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन में कुशल बनाना था. यह कम पूंजी में एक लाभकारी व्यवसाय है.
मधुबनी: कृषि विज्ञान केंद्र सुखेत में बकरी पालन पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हो गया. सात सितंबर से शुरू हुए इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन में दक्ष बनाना था.
कम पूंजी में लाभकारी व्यवसाय है बकरी पालन
प्रशिक्षण का आयोजन केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. एसके गंगवार के नेतृत्व में किया गया. डॉ. गंगवार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन कम पूंजी और कम जोखिम में निरंतर आय देने वाला लाभकारी व्यवसाय है. यह गरीब और सीमांत किसानों के लिए एटीएम की तरह है.
उन्नत नस्लों के चयन की दी गयी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जगपाल ने बकरियों की उन्नत नस्लों के चयन, स्थानीय जलवायु के अनुकूल ब्लैक बंगाल, बरबरी और सिरोही जैसी नस्लों के चुनाव तथा प्रजनन प्रबंधन की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सही नस्ल का चयन ही लाभकारी बकरी पालन की पहली सीढ़ी है.
वहीं, डॉ. राहुल सिंह राजपूत ने बकरियों के आवास और पोषण प्रबंधन पर प्रकाश डाला. उन्होंने हवादार और स्वच्छ आवास निर्माण, संतुलित आहार, खनिज मिश्रण की उपयोगिता तथा कम लागत में अजोला और हरे चारे के प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी.
प्रतिभागियों को वितरित किये गये प्रमाण पत्र
समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये. मौके पर केंद्र के अन्य वैज्ञानिक और कर्मचारी मौजूद रहे.
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