मधुबनी में कार्यपालक सहायकों की बैठक, आउटसोर्सिंग के विरोध में आंदोलन की तैयारी

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बैठक करते कार्यपालक सहायक

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बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ ने मानदेय पुनर्निर्धारण में देरी और आउटसोर्सिंग के माध्यम से नई नियुक्तियों पर कड़ा विरोध जताया है. संगठन के विस्तार और राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई है.

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Madhubani News: मधुबनी. जिला मुख्यालय स्थित अराजपत्रित कर्मचारी संघ भवन के सभागार में रविवार को बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ, जिला इकाई की बैठक हुई. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजू कुमार राय ने की. बैठक में संगठन के विस्तार के साथ कार्यपालक सहायकों की लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया. संघ ने मानदेय पुनर्निर्धारण में देरी और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यपालक सहायकों की जगह सेवा लेने की कोशिश का विरोध करने की बात कही.

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मानदेय पुनर्निर्धारण पर फैसला नहीं होने से नाराजगी

जिलाध्यक्ष राजू कुमार राय ने कहा कि पूर्व में आंदोलन और हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से कार्यपालक सहायकों की मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था. करीब नौ माह बीतने के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि मानदेय पुनर्निर्धारण को लेकर कई स्तर पर आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक मामला आगे नहीं बढ़ा है.

कई बैठकों में मिला था मानदेय बढ़ाने का आश्वासन

राजू कुमार राय ने बताया कि 26 अगस्त की शासी परिषद की बैठक में मानदेय पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव पर अगली बैठक में प्राथमिकता से विचार करने का निर्णय लिया गया था. इसके अलावा छह अक्टूबर 2025 को अपर मुख्य सचिव सह मिशन निदेशक, बीपीएसएमएस के साथ वार्ता में मानदेय वृद्धि का आश्वासन मिला था. 10 दिसंबर 2025 की बैठक में उच्चस्तरीय समिति गठित कर तीन माह में अनुशंसा देने का निर्णय भी हुआ था. इसके बावजूद अब तक मानदेय पुनर्निर्धारण पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया.

आउटसोर्सिंग से सेवा लेने की कोशिश का होगा विरोध

बैठक में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यपालक सहायकों की जगह सेवा लेने की कोशिश का विरोध करने का निर्णय लिया गया. संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कार्यपालक सहायकों की लंबित मांगों का समाधान किया जाना चाहिए. आउटसोर्सिंग के विकल्प को लेकर संगठन की ओर से विरोध दर्ज कराने की बात कही गयी.

15 दिनों में प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर होगा संगठन विस्तार

बैठक में अगले 15 दिनों के भीतर प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर संगठन का विस्तार करने का निर्णय लिया गया. इसके साथ ही सभी विभागों में समूह स्वास्थ्य बीमा और कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करने की मांग भी सरकार से की गयी. संगठन को मजबूत कर मांगों को प्रभावी तरीके से उठाने पर जोर दिया गया.

अक्टूबर से राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी

जिलाध्यक्ष ने कहा कि अक्टूबर से राज्य संघ के आह्वान पर जिले के सभी विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायक राज्यव्यापी आंदोलन में शामिल होंगे. जरूरत पड़ने पर पटना में भी आंदोलन किया जाएगा. बैठक में ईपीएफ, अवकाश एवं अन्य वैधानिक सुविधाओं में अनियमितता, मानदेय पुनर्निर्धारण समेत अन्य मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया.

बैठक में जिला सचिव संजीत कुमार, मीडिया प्रभारी राजन ठाकुर, कोषाध्यक्ष नरेंद्र झा, सत्यजीत कुमार, सुधीर कुमार, फकीर मंडल, इरशाद आलम, अखिलेश कुमार, प्रदीप कुमार राय, फूल बाबू, जयप्रकाश यादव, नवल कुमार, राम उदगार सहित विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में कार्यरत बड़ी संख्या में कार्यपालक सहायक मौजूद थे.

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