अब मोबाइल ऐप से होगी खाद की ऑनलाइन बुकिंग, जानिए आप कैसे ले सकते हैं लाभ

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किसान अब मोबाइल एप से खाद बुक करते हुए (सांकेतिक), AI जेनरेटेड

मधुबनी के किसानों को अब खाद खरीदने के लिए अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. मोबाइल ऐप से उर्वरक बुक करने के बाद QR कोड के जरिए अधिकृत विक्रेता से खाद लेने की सुविधा मिलेगी.

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खाद की ऑनलाइन बुकिंग: किसानों को उर्वरक खरीदने में सहूलियत देने और खाद की बिक्री व वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जिले में डिजिटल उर्वरक खरीद एवं वितरण प्रणाली लागू कर दी गयी है. कृषि विभाग की इस व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर प्रभावी रोक लगाना है. अब किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे.

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मोबाइल ऐप से करनी होगी बुकिंग

जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत किसान मोबाइल ऐप 'Framework for Fertilizer Sale' के माध्यम से उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे. बुकिंग पूरी होने के बाद किसान को QR कोड मिलेगा. इसी कोड के आधार पर अधिकृत उर्वरक विक्रेता से निर्धारित मात्रा में खाद ली जा सकेगी.

बुकिंग के बाद किसान को अधिकतम तीन दिनों के अंदर उर्वरक का उठाव करना होगा. इससे खाद के लिए दुकानों के अनावश्यक चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी.

किसान आईडी या आधार से होगा सत्यापन

उर्वरक बुकिंग के लिए किसान आईडी या आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध होगी. किसान आईडी वाले किसानों का सत्यापन आधार लिंक्ड OTP या फेसियल ऑथेंटिकेशन के जरिए किया जा सकेगा.

किसान आईडी दर्ज करने पर जमीन से जुड़ी जानकारी और रकबा स्वतः प्राप्त हो सकेगा. जिन किसानों के पास किसान आईडी नहीं है, उनके लिए आधार आधारित सत्यापन के बाद भूमि और किसान से जुड़ी जरूरी जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था की गयी है.

फसल के हिसाब से दिखेगी खाद की अनुशंसित मात्रा

पंजीकरण के दौरान किसान की पहचान, जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी. इसके बाद किसान अपने खेत में बोयी गयी फसल के आधार पर खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे.

ऐप के 'My Farm' सेक्शन में फसल और उससे संबंधित जानकारी दर्ज करने की सुविधा होगी. फसल और रकबे के आधार पर ऐप में सामान्य उर्वरक अनुशंसा प्रदर्शित होगी. किसान इसी के अनुसार खाद की मात्रा तय कर सकेंगे और उपलब्ध उत्पादों में से अपनी जरूरत का उर्वरक चुन सकेंगे.

एक से अधिक दुकानों का भी कर सकेंगे चयन

उर्वरक का चयन करने के बाद किसान उपलब्धता के आधार पर एक या अधिक खुदरा विक्रेताओं का चयन कर सकेंगे. प्रत्येक चयनित केंद्र के लिए अलग QR कोड या टोकन नंबर जारी होगा.

किसान खुद खाद का उठाव कर सकते हैं या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से भी इसे प्राप्त कर सकते हैं. आवेदन पूरा होने के बाद मिले QR कोड को मोबाइल में सुरक्षित रखना होगा. इसी कोड के जरिए चयनित विक्रेता से उर्वरक की खरीद की जा सकेगी.

ऑनलाइन रिकॉर्ड से कालाबाजारी पर लगेगी रोक

डिजिटल व्यवस्था के तहत उर्वरक की मांग, उपलब्धता, बिक्री और वितरण का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा. इससे कृषि विभाग को खाद की आपूर्ति और बिक्री की निगरानी करने में आसानी होगी. साथ ही अनियमित वितरण, जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण में मदद मिलेगी.

जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर ने किसानों से अपना किसान पंजीकरण और जरूरी विवरण अपडेट रखने की अपील की है. उन्होंने कृषि कर्मियों और उर्वरक विक्रेताओं को किसानों को नयी व्यवस्था की जानकारी देने और जरूरत के अनुसार सहयोग व प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

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