हमेशा शहर की सड़कों पर उड़ती है धूल
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :14 Feb 2017 6:08 AM
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मधुबनी : हर के विकास के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये नप द्वारा खर्च किये जाते है. कई ऐसी समस्याएं आज भी बरकरार हैं जो बीते तीस-चालीस साल से हैं. हम शहर के तीस वार्ड की ऐसी ही समस्याओं को लोगों के सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं. आने वाले चुनाव में ये […]
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मधुबनी : हर के विकास के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये नप द्वारा खर्च किये जाते है. कई ऐसी समस्याएं आज भी बरकरार हैं जो बीते तीस-चालीस साल से हैं.
हम शहर के तीस वार्ड की ऐसी ही समस्याओं को लोगों के सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं. आने वाले चुनाव में ये समस्याएं चुनावी मुद्दा बन सकते हैं. लोगों में समस्याओं के निदान नहीं होने का मलाल है तो प्रतिनिधियों व विभाग के प्रति आक्रोश भी.
भेदभाव करता है
नप प्रशासन
वार्ड पार्षद बबिता कुमारी ने कहा कि नप प्रशासन उनके साथ भेद भाव करता है. इस वार्ड से नगर परिषद प्रशासन पिछले 5 वर्षों में उदासीन रहा है. यहां न तो नाला का निर्माण हुआ और न ही पीसीसी सड़क ही बन पायी. ऐसे में विकास कहां से होगा.
बबिता कुमारी ने कहा कि इस वार्ड में अगर नाला का निर्माण नहीं हुआ तो आने वाले समय में या तो कई मोहल्ला डूब जाएगा अथवा आपस में ही लोग झगड़ने लगेंगे. उन्होंने कहा कि मोहल्ले में पीसीसी सड़क व चापाकल भाजपा के पूर्व विधायक रामदेव महतो के कोष से हुए है. नप राजनीति के कारण उनकी उपेक्षा हुई है.
फंड के अनुरूप हुआ है कार्य :
नप के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने कहा कि नप प्रशासन के फंड के अनुरूप हर वार्ड में कार्य हुआ है.
वार्ड पार्षद की सजगता भी इस
मामले में मायने रखती है. जो
अपने वार्ड के लिए कामों की मांग रखते है उसके अनुरूप कार्य होते है.
वार्ड नं. 30 में के लोगों ने बताया है कि वार्ड की मुख्य समस्या नाला का निर्माण नहीं होना है. यह समस्या बीते तीस सालों से अधिक है. जिस कारण यहां के लोगों के घरों में न सिर्फ बारिश में पानी घुसा रहता है. बल्कि, सूखे के दिनों में भी लोगों के सामने जल जमाव की समस्या रहती है. तीस साल में इस वार्ड में नाले का निर्माण या पानी के निकासी का इंतजाम नहीं हो सका है.
इसके अलावे पीसीसी सड़क नहीं बनने, चापाकल का अभाव, कोतवाली चौक पर बने पुलिए के टूट जाने के कारण होने वाली दुर्घटना सहित कई मामले सामने आए. साथ वार्ड में ऐसी भी बुजुर्ग महिला मिली जिन्हें घर नहीं है पर उन्हें इंदिरा आवास नहीं मिला है. झोपड़ी में किसी तरह जिंदगी बसर कर रही है.
क्या कहते हैं स्थानीय नागरिक
फूलदेवी वार्ड न. 30 में 10 नंबर गुमटी के नजदीक झोपड़ी में रहती है. उन्होंने कहा कि बौआ बीपीएल परिवार से है. वर्षों से दौड़ रही हूं पर आज तक इंदिरा आवास नहीं मिला. कई बार आवेदन वार्ड पार्षद के माध्यम से दे चुकी हूं. पर अभी तक घर नहीं मिला. नगर परिषद द्वारा कहा कहा जाता है कि जमीन का पर्चा नहीं रहने के कारण इंदिरा आवास नहीं मिलेगा. तो फिर होल्डिंग टैक्स नगर परिषद कैसे लेता है.
कोतवाली चौक व्यवसाई रमेश कुमार बारी ने कहा कि कोतवाली चौक पर बना पुलिया टूटने से जानलेवा है. उन्होंने बताया कि तीन वर्षों में तीन बार यह पुलिस बना है एवं तीन बार बनते ही टूट जाता है. नगर परिषद द्वारा पुलिस बनाने वाले संवेदक पर कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण नप प्रशासन भी संदेह के घेरे में है. उन्होंने कहा कि इस पुलिया के टूटने के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी है.
प्रगति नगर निवासी डाॅ. तारिक ने कहा कि इस मोहल्ले के सबसे पूरब वाले सड़क का निर्माण नहीं होने एवं नाला नहीं रहने के कारण इस सड़क पर 12 महीने पानी जमा रहता है.
मो. इलियास ने कहा कि वार्ड में कभी साफ सफाई नहीं होता है. जो नाला बना हुआ है वह जाम रहने के कारण मोहल्ले में पानी जमा रहता है. नप के मजदूर वार्ड पार्षद के घर के आसपास साफ सफाई कर चले जाते है.
कॉलोनी का हुआ विस्तार पर सुविधाएं नदारद
वार्ड नंबर तीस रिहायशी इलाकों में शुमार होता है. साल दर साल इस वार्ड में भवनों की संख्या बढ़ती गयी है. पर सुविधा कम होता गया. आलम यह है कि मुख्यालय के इस वार्ड में सुदूर ग्रामीण इलाकों की तरह ही सड़क कच्ची है. न तो पीसीसी बना है. जिस कारण आज भी इस कॉलोनी की सड़कों पर धूल उड़ते रहते हैं.
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