मुमुक्षु का तबादला, नौशाद होंगे नये इओ

Published at :07 May 2014 5:35 AM (IST)
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मुमुक्षु का तबादला, नौशाद होंगे नये इओ

मधुबनीः नगर परिषद में लंबे अरसे चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है. लगभग एक साल से बोर्ड बनाम कार्यपालक पदाधिकारी के बीच चल रहे इस विवाद का अंत कार्यपालक पदाधिकारी के स्थानांतरण के बाद खत्म हो गया. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मुमुझु कुमार चौधरी तीन साल से इस पद पर कार्यरत थे. […]

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मधुबनीः नगर परिषद में लंबे अरसे चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है. लगभग एक साल से बोर्ड बनाम कार्यपालक पदाधिकारी के बीच चल रहे इस विवाद का अंत कार्यपालक पदाधिकारी के स्थानांतरण के बाद खत्म हो गया.

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मुमुझु कुमार चौधरी तीन साल से इस पद पर कार्यरत थे. लेकिन पिछले एक साल से बोर्ड के किसी बैठक में वे हिस्सा नहीं ले रहे थे. जिस कारण बोर्ड का बाधित हो रहा था. इसकी शिकायत अध्यक्ष सहित बोर्ड के सदस्यों ने विभाग से की थी. नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रंक 1059 दिनांक मई 5 के आलोक में निर्गत पत्र में स्पष्ट लिखा है कि कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद मधुबनी को विशेष परिस्थिति में तात्कालिक प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए विशेष कार्य पदाधिकारी नगर विकास एवं आवास विभाग पटना पदस्थापित किया जाता है. इस संबंध में विभाग द्वारा चुनाव आयोग से अनापत्ति प्राप्त हो चुका है.

क्या है मामला

नगर परिषद बोर्ड द्वारा सरकार को लिखे पत्र में स्पष्ट कहा गया था कि कार्यपालक पदाधिकारी बोर्ड के बैठक में भाग नहीं ले रहे थे. साथ ही बोर्ड से स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में भी अपना दिलचस्पी नहीं दिखाते थे. बोर्ड में काम काज बाधित होने का खामियाजा यहां चुने गये प्रतिनिधियों को हर दिन भुगतना पड़ रहा था. लोगों के आक्रोश इन्हें ङोलने पड़ रहे थे. नप के मुख्य पार्षद खालिद अनवर ने बताया कि ऐसी स्थिति पैदा हो गयी थी कि कोई काम यहां नहीं हो पा रहा था.

वसूली में रहे पीछे

नगर परिषद चल रहे विवाद के कारण राजस्व वसूली में काफी पीछे रहा. वह व्यावसायिक प्रतिष्ठान का मामला हो या फिर आवासीय राजस्व का. इसी तरह नप द्वारा शहर में निर्मित शेड को देने में कार्यपालक पदाधिकारी ने अपने मन से राशि तय कर शेड दे दिया. जिस कारण नगर परिषद को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा.

नहीं मिल सका वेतन

नगर परिषद कर्मचारियों को मई 13 से वेतन बकाया है. जबकि फरवरी 14 में विभाग ने वेतन मद में एक करोड़ 18 लाख रुपये निर्गत किया. बोर्ड द्वारा वेतन भुगतान के लिए स्वीकृति हेतु कार्यपालक पदाधिकारी के पास भेजा गया. लेकिन सरकारी पेच में उलझा कर कर्मियों को वेतन नहीं दिया गया.

अवकाश प्राप्त कर्मी को नहीं मिला लाभ

पिछले दो साल से नगर परिषद से सेवा निवृत्त हुए लगभग 40 कर्मचारियों को सेवांत लाभ नहीं मिल सका. राशि नहीं मिलने के कारण 5 कर्मचारी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

तबादले से खुशी

इधर कार्यपालक पदाधिकारी मुमुक्षु कुमार चौधरी ने बताया कि इस तबादले से वे खुश है. वे अभी मेडिकल छुट्टी पर है. उनका स्वास्थ्य लगातार खराब रहता था. इस कारण उन्होंने तबादले के लिए आवेदन विभाग से की थी. इसके आलोक में यह तबादला हुआ है. यह तो स्वाभाविक प्रक्रिया है.

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