मधेपुरा में DM के सामने पहुंची जनता की 63 फरियाद, अधिकारियों को समयसीमा में समाधान का आदेश

Updated:
विज्ञापन

-जनसुनवाई करते जिलाधिकारी | Prabhat Khabar Network

मधेपुरा में आयोजित जनसुनवाई में आम नागरिकों ने सीधे जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के सामने अपनी समस्याएं रखीं. कुल 63 आवेदन सौंपे गए, जिन पर DM ने संज्ञान लिया.

विज्ञापन

Madhepura Jan Sunwai: मधेपुरा में अपनी समस्या लेकर किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाना और फिर समाधान का इंतजार करना आम लोगों के लिए अक्सर मुश्किल भरा होता है. ऐसे में जब शिकायत सीधे जिलाधिकारी के सामने रखने का मौका मिले, तो उम्मीद भी बढ़ती है. मधेपुरा में आयोजित जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे जिला पदाधिकारी के सामने रखीं.

आपके शहर में

विज्ञापन

समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस दौरान आम नागरिकों ने शिकायतों, समस्याओं और विभिन्न मांगों से संबंधित कुल 63 आवेदन सौंपे.

डीएम ने आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया.

63 आवेदन, हर मामले पर डीएम ने लिया संज्ञान

जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे. किसी के लिए सरकारी योजना से जुड़ा मामला महत्वपूर्ण था, तो किसी की समस्या स्थानीय प्रशासन या विभागीय स्तर पर कार्रवाई से जुड़ी हो सकती है.

सभी आवेदनों को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा गया. डीएम ने आवेदकों की बात सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये.

जनसुनवाई की खास बात यह रही कि लोगों को अपनी शिकायत सीधे जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी के सामने रखने का अवसर मिला.

अधिकारियों को समयसीमा में निपटाने का निर्देश

जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई की जाये.

उन्होंने स्पष्ट किया कि मामलों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर होना चाहिए. कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से करने पर भी जोर दिया गया.

डीएम ने अधिकारियों को यह भी कहा कि किसी मामले में अनावश्यक देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए. शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है.

जनसुनवाई से आम लोगों को क्या उम्मीद?

जनसुनवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि शिकायतकर्ता अपनी समस्या सीधे प्रशासन के सामने रख सकता है. इससे स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों को जिला स्तर पर संज्ञान में लाने का रास्ता खुलता है.

हालांकि, जनसुनवाई की वास्तविक सफलता केवल आवेदन लेने तक सीमित नहीं है. लोगों को राहत तभी मिलेगी, जब संबंधित विभाग आवेदन पर समय पर कार्रवाई करें और शिकायत का प्रभावी समाधान हो.

इसी वजह से डीएम ने अधिकारियों को केवल आवेदन प्राप्त करने के बजाय उसके गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर जोर दिया है.

सुशासन और जवाबदेही पर प्रशासन का जोर

जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन सुशासन, जवाबदेह प्रशासन और जनकल्याण की भावना के साथ काम कर रहा है.

उन्होंने कहा कि जनसुनवाई आम नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है. इसके जरिए लोगों की समस्याओं का सीधे संज्ञान लिया जाता है और समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाती है.

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने दें.

Madhepura Jan Sunwai: अब निगाह 63 आवेदनों के निष्पादन पर

जनसुनवाई में 63 आवेदन प्राप्त होने के बाद अब संबंधित विभागों की भूमिका अहम हो गयी है. प्रशासन ने समयसीमा में कार्रवाई का निर्देश तो दिया है, लेकिन आम लोगों के लिए असली राहत तब होगी, जब इन मामलों का जमीन पर समाधान दिखाई देगा.

जिला प्रशासन ने आमजनों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के साथ पारदर्शिता और जनसहभागिता को प्राथमिकता देने की बात दोहरायी है.

Also Read: दिल्ली में निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर के साथ सम्राट चौधरी की हाईलेवल मीटिंग, नेपाल डैम से बिहार के फंड तक, जानिए क्या है पूरा एजेंडा

Also Read: ज्योति सिंह ने पवन सिंह के लिए इंस्टा पर लगाई स्टोरी, लिखा- प्रिय पतिदेव, इस बार तुम्हारी कहानी नहीं बनना चाहती



विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन