मधेपुरा में ई-रिक्शा की फिटनेस जांच अनिवार्य, बिना प्रमाण पत्र चलाने पर लगेगा 5 हजार रुपये तक जुर्माना

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जानकारी देते मोटर वाहन निरीक्षक राहुल राज. | Prabhat Khabar Network

मधेपुरा में ई-रिक्शा और मालवाहक वाहनों के लिए अब हर साल फिटनेस जांच कराना जरूरी है. बिना वैध प्रमाण पत्र के वाहन चलाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. यह नियम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है.

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मधेपुरा जिले में चल रहे ई-रिक्शा एवं बैटरी ऑपरेटेड मालवाहक वाहनों के लिए अब प्रतिवर्ष फिटनेस जांच कराना अनिवार्य है. बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के वाणिज्यिक वाहन का परिचालन करने पर वाहन मालिक या चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और 5 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) राहुल राज ने वाहन मालिकों से समय पर फिटनेस जांच कराने की अपील की है.

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यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है फिटनेस जांच

एमवीआई राहुल राज ने बताया कि जिले में ई-रिक्शा और बैटरी चालित मालवाहक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में यात्रियों और सड़क पर आवागमन करने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए इन वाहनों की तकनीकी स्थिति की नियमित जांच जरूरी है.

उन्होंने कहा कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के किसी वाणिज्यिक वाहन का परिचालन करना नियमों का उल्लंघन है. फिटनेस प्रमाण पत्र यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि वाहन सड़क पर परिचालन के लिए निर्धारित तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरा करता है.

मंगलवार और शुक्रवार को होगी फिटनेस जांच

एमवीआई के अनुसार जिला मुख्यालय स्थित कला भवन के समीप प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को वाणिज्यिक वाहनों की फिटनेस जांच की जाती है. ई-रिक्शा एवं बैटरी ऑपरेटेड मालवाहक वाहनों के मालिक इन दोनों निर्धारित दिनों में अपने वाहन लेकर पहुंच सकते हैं और फिटनेस जांच करा सकते हैं.

वाहन मालिकों से अपील की गई है कि वे फिटनेस प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त होने का इंतजार नहीं करें और समय रहते अपने वाहनों की जांच करा लें.

ब्रेक से लेकर टायर और लाइट तक की होगी जांच

फिटनेस जांच के दौरान वाहन के कई महत्वपूर्ण तकनीकी और सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाती है. इसमें ब्रेक, टायर, हेडलाइट, इंडिकेटर, स्टीयरिंग और वाहन की बॉडी समेत अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं.

निर्धारित सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों पर खरा उतरने वाले वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाता है. जांच में खामी पाए जाने पर वाहन को मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराना जरूरी होगा.

नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई

राहुल राज ने कहा कि नियमित फिटनेस जांच कराने से वाहन मालिक न केवल कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को भी कम किया जा सकता है. तकनीकी रूप से दुरुस्त वाहन सड़क पर अधिक सुरक्षित तरीके से संचालित किए जा सकते हैं.

एमवीआई ने स्पष्ट किया कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के वाहन चलाते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने ई-रिक्शा एवं बैटरी चालित मालवाहक वाहन मालिकों से मंगलवार और शुक्रवार को कला भवन के समीप पहुंचकर अपने वाहनों की फिटनेस जांच कराने की अपील की है.

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