मधेपुरा-पतरघट रेलवे ओवरब्रिज के लिए जमीन अधिग्रहण पर रैयतों ने जतायी आपत्ति, व्यावसायिक दर से मुआवजे की मांग

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फोटो- रैयतों ने दर्ज कराई भू अर्जन कार्यालय में आपत्ति | Prabhat Khabar Network

मधेपुरा-पतरघट पथ पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर रैयतों की आपत्तियों पर सुनवाई हुई. रैयतों ने व्यावसायिक दर से मुआवजे की मांग की है. जानें क्या है पूरा मामला और प्रशासन का रुख.

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मधेपुरा. मधेपुरा-पतरघट पथ पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के मामले में गुरुवार को जिला भू अर्जन पदाधिकारी अमन कुमार ने रैयतों की आपत्तियों पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान रैयतों ने अधिग्रहण की जा रही जमीन की श्रेणी और मुआवजे को लेकर अपनी मांगें रखीं. रैयतों का कहना था कि संबंधित क्षेत्र मुख्य बाजार है और यहां की जमीन व्यावसायिक प्रकृति की है. जमीन उनकी जीविका का प्रमुख आधार है, इसलिए परियोजना के लिए कम से कम रकबा का अधिग्रहण किया जाए.

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मुख्य सड़क से सटी जमीन को आवासीय श्रेणी में रखने पर सवाल

रैयतों ने सुनवाई के दौरान कहा कि मुख्य सड़क से सटी होने के बावजूद उनकी जमीन को आवासीय श्रेणी में दर्शाया गया है. उनका कहना था कि उन्होंने जमीन व्यावसायिक श्रेणी में खरीदी है और उस पर दुकानें बनाकर व्यवसाय कर रहे हैं. ऐसे में जमीन की वास्तविक उपयोगिता और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुआवजा निर्धारित किया जाना चाहिए.

व्यावसायिक दर से मुआवजा देने की मांग

रैयतों ने मांग की कि अधिग्रहित जमीन का मुआवजा व्यावसायिक दर के अनुसार निर्धारित किया जाए. इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण के प्रावधानों के तहत चार गुना राशि का भुगतान करने की मांग भी रखी गयी. रैयतों ने कहा कि जमीन के अधिग्रहण से उनके व्यवसाय और आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा, इसलिए मुआवजा तय करते समय इन परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए.

नियमों के अनुसार होगी कार्रवाई

जिला भू अर्जन पदाधिकारी अमन कुमार ने रैयतों को आश्वस्त किया कि सरकार के नियमों और भू अर्जन अधिनियम के प्रावधानों के आलोक में सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि रैयतों की ओर से दर्ज करायी गयी सभी आपत्तियों पर विचार करने के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा.

जल्द पूरी होगी गजट की प्रक्रिया

जिला भू अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि जल्द ही गजट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद अमीन द्वारा प्रत्येक खेसरा पर पहुंचकर भूमि का निशान लगाया जाएगा. भूमि अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी.

सुनवाई में रैयतों ने रखा अपना पक्ष

सुनवाई के दौरान प्रदीप कुमार झा, गणेश पीटर, सुभाष यादव, अमित कुमार सुल्तानिया, सतीश साह सहित अन्य रैयत मौजूद थे. सभी ने परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अपनी आपत्तियां और मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं.

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