बेराजगारों को प्रतिमाह मिले पांच हजार भत्ता

Published at :23 Aug 2016 6:03 AM (IST)
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बेराजगारों को प्रतिमाह मिले पांच हजार भत्ता

मांग. एवाइआइएफ के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के सामने किया प्रदर्शन, कहा राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार को अखिल भारतीय नौजवान संघ की मधेपुरा इकाई ने विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के सामने प्रदर्शन किया. एवाइआइएफ के जिला सचिव ने कहा कि बेरोजगारी की स्थिति ज्यों की त्यों है. मधेपुरा : राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार को अखिल […]

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मांग. एवाइआइएफ के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के सामने किया प्रदर्शन, कहा

राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार को अखिल भारतीय नौजवान संघ की मधेपुरा इकाई ने विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के सामने प्रदर्शन किया. एवाइआइएफ के जिला सचिव ने कहा कि बेरोजगारी की स्थिति ज्यों की त्यों है.
मधेपुरा : राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार को अखिल भारतीय नौजवान संघ की मधेपुरा इकाई ने समाहरणालय के सामने प्रदर्शन करते हुए बेरोजगारों को रोजगार देने, मुक्त कराये गये बंधुआ मजदूरों को सहायता देने आदि जैसे मुद्दों को उठाते हुए न्याय की मांग की. एवाइआइएफ के जिला सचिव शंभु क्रांति ने कहा कि बेरोजगारी की स्थिति ज्यों की त्यों है. न रोजगार मुहैया हो पा रहा है और न बेरोजगारों को वादे के अनुसार बेराजगारी भत्ता ही दिया जा रहा है.
उन्हें यह भत्ता अविलंब मुहैया कराया जाना चाहिए. इस स्थिति के लिए बिहार एवं केंद्र की सरकारों को दोषी करार देते हुए जिला सचिव ने कहा कि सरकार केवल पूंजीपतियों के हित के लिए काम कर रही है. सभा में पवन कुमार, दिलीप कुमार, मो वसीम ने कहा कि 1990 से पहले बेरोजगारी भत्ता मिल रहा था और वर्तमान सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने इस भत्ता को बढ़ा कर एक हजार करने की घोषणा की थी, लेकिन यह वादा केवल जुमला ही साबित हुआ.
बेरोजगारों को अब तक इस भत्ते की प्रतीक्षा है. वहीं प्रदर्शन के दौरारन सौरभ कुमार, पप्पू प्रदीप और पप्पू पपलेश, मुकेश, पवन ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े-बड़े पूंजीपतियों की सरकार बन कर रह गयी है. देश के किसान और मजदूर अपने कर्म और भाग्य के भरोसे हैं. आरएसएस के इशारे पर चलने वाली सरकार गरीबों की कभी नहीं हो सकती है.
प्रदर्शन के दौरान एवाइआइएफ ने कहा कि सरकार उनकी पांच मांगों को पूरी करे. इन मांगों में बेरोजगारों को पांच हजार बेरोजगारी भत्ता अविलंब देने, मनरेगा में मजदूरों को मजदूरी भत्ता शीघ्र देने, बचपन बचाओ आंदोलन के तहत उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में कालीन उद्योग से मुक्त कराये गये 14 बंधुआ मजदूर जो सदर प्रखंड के मुरहो गांव के हैं, उन्हें अविलंब सहायता देने एवं लोगों की गाढी कमाई को लूटकर ले जाने वाले प्रतिज्ञा फाइनांस ग्रुप के मैनेजर एवं दलाल पर मुकदमा दर्ज कर जेल के अंदर बंद किया जाये. प्रदर्शन के दौरान जयनारायण, हरिबल्लव, प्रवेश, पिंटू आदि मौजूद थे.
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