कागजों पर 48 लाख की चमचमाती सड़क, जमीन पर कीचड़ और गहरे गड्ढे! लखीसराय के हुलसी गांव में राहगीर बेहाल

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जर्जर सड़क | Prabhat Khabar Network

लखीसराय में सड़क निर्माण योजना विभागीय लापरवाही का शिकार हो रही है. 48 लाख रुपये की लागत वाली यह सड़क समय सीमा समाप्त होने के तीन महीने बाद भी अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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लखीसराय. ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गयी सड़क योजना अब विभागीय लापरवाही की मिसाल बनती दिख रही है. हुलसी पुरानी चौक से हुलसी ग्रामीण पथ योजना के तहत शुरू हुआ सड़क निर्माण तय समय सीमा समाप्त होने के तीन महीने बाद भी आधा-अधूरा पड़ा है. सड़क किनारे लगे योजना बोर्ड के अनुसार कार्य प्रारंभ की तिथि 30 मई 2025 और कार्य समाप्ति की तिथि 29 मई 2026 निर्धारित थी. समय सीमा बीतने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है.

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RRMSP के तहत 48.064 लाख रुपये से हो रहा निर्माण

योजना ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम (RRMSP) के तहत संचालित है. योजना बोर्ड के अनुसार सड़क की लंबाई 0.550 किलोमीटर है और इसके निर्माण की अनुमानित लागत 48.064 लाख रुपये निर्धारित की गयी है. निर्माण की कार्यकारी एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल लखीसराय है.

समय सीमा बीतने के बाद भी जमीन पर नहीं दिखी ठोस कार्रवाई

निर्धारित समय पर सड़क निर्माण पूरा नहीं होने के बावजूद विभाग की ओर से अब तक जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है. इससे विभागीय निगरानी व्यवस्था और संवेदक पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कार्य पूरा करने की निर्धारित तिथि समाप्त होने के बावजूद निर्माण की स्थिति में अपेक्षित तेजी नहीं आयी है.

जर्जर सड़क  योजना संबंधित बोर्ड | Prabhat Khabar Network
फोटो- सड़क योजना संबंधित बोर्ड | Prabhat Khabar Network

अधूरी सड़क से बरसात में बढ़ जाती है परेशानी

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि आवागमन की समस्या खत्म होगी. लेकिन निर्माण अधूरा रहने के कारण स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है. बरसात के दिनों में परेशानी और बढ़ जाती है. कीचड़ और गड्ढों के कारण लोगों को आने-जाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

देरी के कारणों की जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग के वरीय अधिकारियों से सड़क निर्माण की स्थलीय जांच कराने की मांग की है. लोगों ने निर्माण में देरी के कारणों की पड़ताल करने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और अधूरे कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं होना योजना की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है.

संवेदक पर कार्रवाई की जा रही है : कार्यपालक अभियंता

इस मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता कुमार गौरव ने बताया कि निर्माण में देरी को लेकर संवेदक पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि संवेदक को ब्लैकलिस्टेड किया जाएगा. विभाग के इस रुख के बाद अब देखना होगा कि अधूरे सड़क निर्माण को कब तक पूरा कराया जाता है.

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