मरीज यहाँ स्वस्थ होने आएं या नई बीमारी लेने? लखीसराय में घुटने भर सड़े पानी और दुर्गंध के बीच इलाज करने को मजबूर डॉक्टर
फोटो- स्वास्थ्य कर्मी सिर हेल्थ किट ले जाते हुए | Prabhat Khabar Network
लखीसराय के अलीनगर स्वास्थ्य उपकेंद्र में घुटनों तक भरे सड़े पानी और दुर्गंध ने गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है. पुराने भवन में जमा पानी से जोंक और सांप का प्रकोप बढ़ गया है, जबकि अर्धनिर्मित नए भवन में सुविधाओं का अभाव है.
लखीसराय, सूर्यगढ़ा. प्रखंड अंतर्गत अलीनगर पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य उपकेंद्र अलीनगर इन दिनों खुद बदहाली का शिकार है. यहां बाढ़ का पानी नहीं, बल्कि बारिश के बाद हुए भीषण जलजमाव ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर दिया है. पुराने भवन में करीब दो फीट से अधिक पानी जमा है, जबकि मरीजों का इलाज मजबूरी में अर्धनिर्मित नए भवन में अस्थायी रूप से किया जा रहा है. विडंबना यह है कि नया भवन भी चारों ओर से जलजमाव से घिरा हुआ है.
आपके शहर में
सड़ रहे पानी से दुर्गंध, जोंक के प्रकोप से बढ़ी परेशानी
पुराने भवन में लंबे समय से जमा पानी अब सड़ने लगा है, जिससे पूरे परिसर में दुर्गंध फैल रही है. पानी में जोंक का प्रकोप भी बढ़ गया है. स्वास्थ्यकर्मियों और इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों के पैरों से जोंक चिपकने की बात सामने आ रही है. करीब दो से ढाई फीट सड़े पानी के नीचे फर्श पर अत्यधिक चिकनाहट हो जाने के कारण भवन के अंदर जाना भी जोखिम भरा बना हुआ है.
पानी में गलकर गिर गए दवाओं के कार्टून
भवन में पानी घुसने से दवाओं के कार्टून गलकर गिर चुके हैं. कई दवाएं पानी में तैरती नजर आ रही हैं. इससे स्वास्थ्य केंद्र में रखी दवाओं के सुरक्षित रखरखाव को लेकर भी परेशानी बढ़ गयी है. पानी के कारण स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पुराने भवन में जाकर जरूरी सामान और दवाएं निकालना मुश्किल हो गया है.
दवा निकालने पहुंची स्वास्थ्यकर्मी के सामने निकला सांप
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुराने भवन से दवा निकालने पहुंची एक स्वास्थ्यकर्मी ने जैसे ही ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया, कार्टून के बीच से एक सांप निकलकर पानी में चला गया. सांप निकलने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों में दहशत फैल गयी. जलजमाव और सड़े पानी के बीच सांप की मौजूदगी ने स्वास्थ्य केंद्र में काम करने वाले कर्मियों की चिंता और बढ़ा दी है.

अर्धनिर्मित भवन में मरीजों का इलाज करने की मजबूरी
मरीजों के इलाज के लिए जिस नए भवन का सहारा लिया जा रहा है, वह अभी पूरी तरह तैयार नहीं है. वहां समुचित पानी की व्यवस्था नहीं है. शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है और मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सी-टेबल भी नहीं हैं. ऐसे में स्वास्थ्यकर्मी और मरीज दोनों ही बदहाल व्यवस्था के बीच इलाज कराने और करने को मजबूर हैं.
जलजमाव के कारण मच्छरों का भी बढ़ा प्रकोप
स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. सीएचओ सोनम कुमारी ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि जल्द जलजमाव की समस्या दूर नहीं की गयी तो मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से स्वास्थ्यकर्मी खुद बीमार पड़ सकते हैं. स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है.

स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर उठ रहा सवाल
जब इलाज करने वाला स्वास्थ्य केंद्र ही जलजमाव, जोंक, दुर्गंध और सांप के खतरे से घिरा हो तो मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है. बारिश के बाद उत्पन्न जलजमाव ने स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है. अब जरूरत इस बात की है कि जलनिकासी की व्यवस्था कर परिसर को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए.
नए भवन को अभी विभाग को नहीं किया गया है हैंडओवर
प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि नए स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन को अभी विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है. पुराने भवन में ही फिलहाल केंद्र का संचालन हो रहा है. भवन में पानी घुसने से कार्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि समस्या के निदान का प्रयास किया जाएगा.
Also Read: “बऊआ कहीं ना मिलल…”, नेपाल बाढ़ त्रासदी में भाई को ढूंढ़ने गये वीरेंद्र खाली हाथ लौटे
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए