जमीन विवाद के नोटिस पर आदिवासी परिवारों ने अंचल कार्यालय घेरा, 25 एकड़ भूखंड को लेकर विवाद

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फोटो- आदिवासी पुरुष और महिलाएं शनिवार को बहादुरगंज अंचल कार्यालय पहुंचे और घेराव किया

किशनगंज के शिवगंज-बालूबाड़ी के आदिवासी परिवार 25 एकड़ जमीन पर अपने दशकों पुराने कब्जे के लिए लड़ने उतरे. ज़मीन विवाद संबंधी नोटिस मिलने पर सैकड़ों लोग अंचल कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को अपनी समस्या बताई.

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किशनगंज. जमीन विवाद संबंधी नोटिस मिलने के बाद मोहम्मदनगर पंचायत के शिवगंज-बालूबाड़ी से सैकड़ों की संख्या में आदिवासी पुरुष और महिलाएं शनिवार को बहादुरगंज अंचल कार्यालय पहुंचे और घेराव कर अपनी स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया. जिस समय अंचल कार्यालय में जनता दरबार चल रहा था, उसी दौरान पहुंचे लोगों ने दशकों से उक्त भूखंड पर अपने दखल-कब्जे और खेतीबाड़ी का हवाला देते हुए प्रशासन से न्यायोचित कार्रवाई की मांग की.

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दशकों से जमीन पर कब्जे का दावा

आदिवासी परिवारों का कहना है कि झील के किनारे स्थित करीब 25 एकड़ भूखंड पर उनके पूर्वजों के समय से कब्जा रहा है. भूमिहीन परिवार इसी जमीन पर घर-गृहस्थी चलाने के साथ खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से जमीन पर रहने और खेती करने के बावजूद अब कुछ लोगों की नजर इस भूखंड पर पड़ गई है.

बेदखली और खरीद-बिक्री की कोशिश का लगाया आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ कथित बिचौलिया किस्म के लोग अलग-अलग तरीके से उन्हें जमीन से बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका आरोप है कि उक्त जमीन की खरीद-बिक्री की तैयारी भी की जा रही है. आदिवासी परिवारों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर वर्षों से रह रहे स्थान और खेती की जमीन से बेदखल नहीं होना चाहते.

जनता दरबार में अधिकारियों के सामने रखी बात

ग्रामीणों के अनुसार जमीन को लेकर प्रशासन की ओर से उन्हें जनता दरबार में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया था. इसके बाद बड़ी संख्या में भूमिहीन परिवार अंचल कार्यालय पहुंचे और जनता दरबार के दौरान अधिकारियों को जमीन की वस्तुस्थिति से अवगत कराया. उन्होंने मामले की जांच कर ठोस प्रशासनिक पहल करने की मांग की.

25 एकड़ जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद

जानकारों के अनुसार अलग-अलग खातों में दर्ज करीब 25 एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है. एक ओर आदिवासी परिवार और अन्य लोगों का समूह दशकों से कथित दखल-कब्जे के आधार पर जमीन पर खेतीबाड़ी करता आ रहा है. वहीं दूसरे पक्ष का दावा है कि जमीन उनके खाते में दर्ज है और वे उस पर अपना अधिकार जता रहे हैं.

एक सप्ताह पहले प्रशासन ने किया था स्थल निरीक्षण

शिकायत और विवाद की जानकारी मिलने के बाद करीब एक सप्ताह पहले पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने संबंधित स्थल का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया था. अधिकारियों ने मौके की स्थिति और जमीन से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई थी.

सरकारी रिकॉर्ड में अलग-अलग लोगों के नाम जमीन

अंचल के राजस्व अधिकारी शमीम अख्तर ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक उक्त भूखंड अलग-अलग दो-तीन लोगों के नाम खाते में दर्ज है. उन्होंने बताया कि गांव के दर्जनों आदिवासी परिवारों सहित अन्य बिरादरी के लोग भी दशकों से बटाईदारी के तहत यहां खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं.

न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा

राजस्व अधिकारी ने कहा कि जमीन को लेकर शिकायत और विवाद की स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है. प्रशासनिक स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, ताकि मामले का न्यायोचित समाधान निकाला जा सके और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो.


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