किशनगंज के पिपरीथान स्कूल का वीडियो वायरल: ड्रम में गंदा पानी, बच्चों-टीचरों के खाने में भेदभाव का छात्र ने लगाया आरोप
थाली में भोजन के साथ छात्र
उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिपरीथान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. छात्र ने स्कूल परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और मिड-डे मील की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं. वीडियो में पानी के गंदे ड्रम और भोजन की गुणवत्ता को लेकर आरोप लगाए गए हैं.
किशनगंज, ठाकुरगंज. ठाकुरगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिपरीथान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, चारदीवारी और मिड-डे मील की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं. वीडियो बनाने वाला खुद को विद्यालय का छात्र बताते हुए परिसर के अलग-अलग हिस्सों को कैमरे में दिखा रहा है. हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
पानी के ड्रम में कचरा होने का छात्र ने किया दावा
वीडियो में एक पानी का ड्रम दिखाई देता है, जिसमें पानी के साथ कचरा जैसा पदार्थ नजर आ रहा है. वीडियो बनाने वाला छात्र दावा करता है कि इसी पानी का इस्तेमाल बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में किया जाता है. हालांकि, वीडियो के आधार पर इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है कि इसी पानी से वास्तव में मिड-डे मील तैयार किया जा रहा था.
वीडियो में बच्चों को परोसे गए चावल और सब्जी भी दिखाई गई है. छात्र भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाता है. भोजन की गुणवत्ता और उसे तैयार करने की प्रक्रिया की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
शिक्षकों के लिए अलग भोजन बनाने का आरोप
वीडियो में छात्र एक अलग स्थान पर तैयार हो रहे भोजन को दिखाते हुए दावा करता है कि शिक्षकों के लिए अलग और बेहतर भोजन तैयार किया जाता है, जबकि बच्चों को अलग भोजन दिया जाता है.
यह छात्र की ओर से लगाया गया आरोप है. केवल वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि विद्यालय में बच्चों और शिक्षकों के भोजन में नियमों के विपरीत भेदभाव किया जा रहा था. इसकी वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
शौचालयों पर ताला, उपयोग को लेकर भी सवाल
वीडियो में विद्यालय के कुछ शौचालयों के दरवाजों पर ताला लगा दिखाई देता है. छात्र का दावा है कि इन शौचालयों का इस्तेमाल बच्चों को नहीं करने दिया जाता और उनका उपयोग शिक्षक करते हैं.
हालांकि, शौचालयों पर ताला लगाए जाने का कारण क्या है और बच्चों के लिए अन्य शौचालय उपलब्ध हैं या नहीं, यह वीडियो से स्पष्ट नहीं होता.
परिसर में कचरा और टूटी चारदीवारी दिखी
वीडियो में विद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में प्लास्टिक और अन्य कचरा दिखाई देता है. हाथ धोने के स्थान के आसपास गंदा पानी और जूठन भी नजर आती है.
विद्यालय की पिछली चारदीवारी का एक हिस्सा टूटा हुआ दिखाई देता है. छात्र का दावा है कि टूटी दीवार के कारण बच्चे आसानी से विद्यालय परिसर से बाहर निकल जाते हैं. इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
वायरल वीडियो के बाद जांच की मांग
विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर छात्र द्वारा बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. खासकर मिड-डे मील में इस्तेमाल होने वाले पानी, भोजन की गुणवत्ता, शिक्षकों और बच्चों के भोजन में कथित अंतर, शौचालयों की स्थिति, साफ-सफाई और टूटी चारदीवारी की स्थिति की जांच की मांग उठ रही है.
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
वीडियो में दिखाई गई स्थितियों और छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति शिक्षा विभाग या संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. यदि विभाग की ओर से स्थल निरीक्षण और जांच की जाती है तो पानी, मिड-डे मील, शौचालय, साफ-सफाई और चारदीवारी से जुड़े सभी बिंदुओं की स्थिति सामने आ सकती है.
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