मेची नदी पर निर्माणाधीन पुल के नीचे एजेंसी द्वारा किये जा रहे बालू खनन से लोग चिंतित

Updated at : 16 Apr 2024 11:24 PM (IST)
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मेची नदी पर निर्माणाधीन पुल के नीचे एजेंसी द्वारा किये जा रहे बालू खनन से लोग चिंतित

मेची नदी पर एजेंसी द्वारा किये जा रहे बालू खनन से लोग चिंतित

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ठाकुरगंज. एक साल पहले जिस मेची नदी पर बन रहे पुल का पाया धंसा था. उसी मेची नदी पर बने पुराने पुल के समीप बेतरतीब तरीके से निर्माण एजेंसी के द्वारा हो रहा बालू खनन लोगों के बीच चिंता का कारण बनते जा रहा है. एनएच 327 ई पर अवस्थित मेची नदी पर मोजूद गौरी पुल के 50 मीटर के दायरे में मंगलवार सुबह से जारी खनन और जमा किये गये बालू के मामले में निर्माण एजेंसी के कर्मियों से बात की गयी तो निर्माण एजेंसी जीआर इन्फ्रा के लाइनिंग मैनेजर अभिषेक मिश्रा ने दावा किया कि एनएच के अधिकारियों के दिशा-निर्देश के आधार पर खुदाई हो रही है, हालांकि खुदाई के उद्देश्य को बताने से उन्होंने मना कर दिया और कहा कि कोई गलत कार्य नहीं हो रहा है.

पुल के ठीक नीचे से भी नदी की रेत निकाल रहे

मेची नदी पर गोरी पुल के ठीक नीचे से रेत निकालने का काम धड़ल्ले से हो रहा है. बताते चलें कि बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने एनएच पर अवस्थित पुलों के दोनों तरफ 500 मीटर तक खुदाई नहीं करने का आदेश दिया है. इससे उसके पिलरों को नुकसान हो सकता है. बताते चले 10 मार्च, 2021 को एक आदेश जारी कर राज्य भर में नदियों और निर्माणाधीन पुलों के आसपास रेत खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था, तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने इस बाबत सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था और बिहार की विभिन्न नदियों में बने पुलों के आसपास खुदाई पर रोक लगा दी गयी थी. विशेषकर बालू या मिट्टी निकासी के क्रम में इस नियम का सख्ती से पालन किये जाने का आदेश दिया गया था. पथ निर्माण विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया था कि पिछले 15 वर्षों में यातायात सुगम बनाने के लिए नदियों पर सैकड़ों पुलों का निर्माण कराया गया है. विभाग के समक्ष ऐसी शिकायतें आई हैं कि नदियों में बने हुए पुलों के आसपास बालू या मिट्टी का खनन किया जा रहा है, जबकि यह सर्वविदित है कि संरचना के पास खुदाई होने से नदी के पुलों के नींव को नुकसान हो सकता है. उक्त आदेश में जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पुल के अप स्ट्रीम से 500 मीटर और डाउन स्ट्रीम से भी 500 मीटर की दूरी में खुदाई कार्य प्रतिबंधित किया जाये. इसके बावजूद एनएच 327 ई के विभिन्न पुलों पर खुदाई निरंतर जारी है. और पुल के नीचे से रेत खनन का काम तेजी से हो रहा है. खुद निर्माण एजेंसी द्वारा पुल से सट कर खुदाई कार्य किया जाना, लोगों की चिंता का कारण बनता जा रहा है.

अवैध खनन के कारण ही 23 मई को धंसा था पाया, अवैध खनन की आशंका भी प्रकट की थी

23 मई को मेची नदी पर बन रहे नए पुल का पाया धंसने के मामले में लोगों ने अवैध खनन को कारण माना था. नेपाल से निकलने वाली मेची नदी पर बन रहे इस छह पाया के पुल के एक पाया के धंसने की घटना के मामले में ग्रामीणों का आरोप था कि एनएचएआइ द्वारा बनाये जा रहे इस प्रोजेक्ट में सड़क के चौड़ीकरण कार्य में लोकल नदियों की बालू का इस्तेमाल हुआ है. इस मामले में उक्त मेची नदी भी अछूती नहीं रही थी. बड़े पैमाने पर इस नदी से बालू का उत्खनन किया गया था.

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