मुख्य पार्षद फौजिया तरन्नुम का बदला अंदाज, साढ़े तीन साल में पहली बार स्वच्छता पर बुलाई बैठक
पार्षदों के साथ बैठक में मौजूद मुख्य पार्षद फौजिया तरन्नुम | Prabhat Khabar Network
पौआखाली नगर पंचायत की मुख्य पार्षद फौजिया तरन्नुम साढ़े तीन साल के कार्यकाल में पहली बार स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सक्रिय हुई हैं. उन्होंने पार्षदों के साथ बैठक कर सफाई कर्मियों को लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं. यह सक्रियता राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
किशनगंज, पौआखाली. नगर पंचायत पौआखाली की मुख्य पार्षद फौजिया तरन्नुम अब अपने कार्यकाल में पहली बार नगर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आ रही हैं. साढ़े तीन साल के कार्यकाल में पहली बार उन्होंने पार्षदों के साथ बैठक कर नगर की साफ-सफाई व्यवस्था पर चर्चा की और स्वच्छता कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सफाई कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्य पार्षद की इस सक्रियता को नगर पंचायत की बदली परिस्थितियों से जोड़कर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गयी है.
सभी वार्डों की गलियों और कूचे तक नियमित सफाई का निर्देश
बैठक में मुख्य पार्षद ने कहा कि नगर पंचायत के सभी वार्डों की गलियों और कूचे तक नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए. कहीं भी कूड़ा-कचरा जमा नहीं रहना चाहिए. उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को अपने काम के प्रति गंभीर रहने और नगर को साफ-सुथरा रखने की हिदायत दी.
मुख्य पार्षद ने साफ किया कि सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर इसे गंभीरता से लिया जायेगा. बैठक में नगर की मौजूदा सफाई व्यवस्था और उसे बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की गयी.
लल्लू के जेल जाने के बाद बदला नगर पंचायत का सियासी परिदृश्य
मुख्य पार्षद की सक्रियता को केवल स्वच्छता व्यवस्था की सामान्य बैठक मानकर नजरअंदाज करना भी आसान नहीं है. इसके पीछे नगर पंचायत की बदली परिस्थितियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं.
गौरतलब है कि मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू के जेल जाने के बाद नगर पंचायत से जुड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर नया परिदृश्य बना है. अब तक नगर पंचायत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में मुख्य पार्षद प्रतिनिधि की सक्रिय भूमिका दिखाई देती थी. उनके फिलहाल जेल में रहने के बीच मुख्य पार्षद फौजिया तरन्नुम स्वयं नगर पंचायत की गतिविधियों में सक्रिय नजर आ रही हैं.
क्या अब खुद नगर पंचायत की कमान संभालेंगी मुख्य पार्षद?
नगर पंचायत के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्य पार्षद प्रतिनिधि की गैरमौजूदगी के बाद नगर पंचायत की शासन व्यवस्था में मुख्य पार्षद की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है. ऐसे में फौजिया तरन्नुम का बैठकों में सक्रिय रूप से सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है.
क्या यह केवल बदली परिस्थितियों की वजह से आयी सक्रियता है या मुख्य पार्षद अब स्वतंत्र रूप से नगर पंचायत की कमान संभालने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. हालांकि, मुख्य पार्षद की ओर से इस सक्रियता के पीछे किसी राजनीतिक कारण की सार्वजनिक घोषणा नहीं की गयी है.
साढ़े तीन साल बाद सामने आया सक्रिय नेतृत्व
साढ़े तीन साल के कार्यकाल में अपेक्षाकृत पर्दे के पीछे रहने वाली मुख्य पार्षद का अब नगर की बैठकों और व्यवस्थाओं को लेकर सीधे सक्रिय होना बदलाव का संकेत माना जा रहा है. स्वच्छता जैसे रोजमर्रा से जुड़े मुद्दे को लेकर पार्षदों और कर्मियों के साथ बैठक करना उनकी बढ़ती सक्रियता को सामने लाता है.
हालांकि, इसे फिलहाल किसी राजनीतिक बदलाव का निश्चित संकेत मानना जल्दबाजी होगी. आने वाले दिनों में नगर पंचायत के अन्य मामलों में मुख्य पार्षद की भूमिका से ही इस सक्रियता की दिशा स्पष्ट होगी.
सफाई पर सख्ती का असर जमीन पर कब दिखेगा?
मुख्य पार्षद ने स्वच्छता कर्मियों को सख्त निर्देश तो दे दिए हैं, लेकिन अब असली परीक्षा इन निर्देशों के धरातल पर उतरने की है. नगर के कई हिस्सों में समय-समय पर जलजमाव, गंदगी और कचरा जमा रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि बैठक में दिये गये निर्देश सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहते हैं या नगर की गलियों और मोहल्लों में वास्तव में सफाई व्यवस्था में बदलाव दिखाई देता है.
बैठक में पार्षद और प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में वार्ड पार्षद नफीस आलम, पार्षद प्रतिनिधि असलम आजाद उर्फ बबलू, अबूजर गफ्फारी, हाफिज साजिद आलम, जर्दिश आलम, हनीफ आलम सहित अन्य लोग मौजूद थे.
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