एक बोरी खाद के लिए 15 मिनट का 'डिजिटल टेस्ट'! किशनगंज में बिना स्मार्टफोन वाले गरीब किसानों की बढ़ी आफत

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फोटो- किसान का आधार कार्ड लेकर अपने मोबाईल से उसका निबंधन करता दुकानदार | Prabhat Khabar Network

FSAS ऐप के कारण खाद खरीदने में किसानों को हो रही है भारी दिक्कत। स्मार्टफोन न होने और लंबी प्रक्रिया से किसान परेशान। जानें पूरी खबर।

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किशनगंज, ठाकुरगंज. खाद खरीदने के लिए किसान अब खेत से निकलकर सिर्फ दुकान तक नहीं पहुंच रहे हैं, बल्कि डिजिटल प्रक्रिया के लंबे इंतजार से भी गुजर रहे हैं. ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर इलाकों के कई किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है. ऐसे में किसान अपना मोबाइल फोन और आधार कार्ड लेकर खाद दुकान पहुंचते हैं, जहां FSAS App पर खाद बिक्री की पूरी प्रक्रिया दुकानदार को ही पूरी करनी पड़ रही है.

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FSAS App से ही उर्वरक बिक्री का दिया गया निर्देश

जिला कृषि पदाधिकारी, किशनगंज के 21 अगस्त 2026 के कार्यालय आदेश संख्या 2006 के अनुसार सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को FSAS App के माध्यम से ही उर्वरक बिक्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. बिना FSAS App के खाद बिक्री करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

एक किसान पर 10 से 15 मिनट, दुकानों पर बढ़ रहा इंतजार

किसानों के अनुसार FSAS App पर एक किसान की खाद बिक्री की प्रक्रिया पूरी करने में दुकानदार को करीब 10 से 15 मिनट तक लग रहे हैं. एक के बाद एक किसान दुकान पहुंचने पर बाहर इंतजार करने वालों की संख्या बढ़ जाती है. खेती के महत्वपूर्ण कार्यों के बीच किसानों को खाद लेने में काफी समय देना पड़ रहा है. खासकर अधिक भीड़ होने पर कई किसानों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ता है.

स्मार्टफोन नहीं होने से दुकानदार पर पूरी निर्भरता

सबसे बड़ी परेशानी उन किसानों के सामने है, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है. ऐसे किसान डिजिटल प्रक्रिया के लिए पूरी तरह दुकानदार पर निर्भर हैं. किसान आधार कार्ड और अपना मोबाइल फोन लेकर दुकान पहुंचता है, लेकिन FSAS App पर आवश्यक प्रक्रिया दुकानदार को ही पूरी करनी पड़ती है.

ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण कई किसानों के लिए नई डिजिटल व्यवस्था का उपयोग आसान नहीं हो पा रहा है.

डिजिटल व्यवस्था बनी सुविधा या नई परेशानी?

खाद बिक्री में पारदर्शिता और निगरानी के उद्देश्य से डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है. लेकिन जमीनी स्तर पर सवाल उठ रहा है कि जब बड़ी संख्या में किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है और एक किसान की प्रक्रिया पूरी करने में 10 से 15 मिनट लग रहे हैं, तब दुकानों पर बढ़ती भीड़ और किसानों के समय की समस्या का समाधान कैसे होगा.

किसानों ने आसान प्रक्रिया की मांग उठाई

किसानों की मांग है कि डिजिटल व्यवस्था के साथ ऐसी वैकल्पिक और सरल व्यवस्था भी की जाए, जिससे स्मार्टफोन नहीं रखने वाले किसानों को आसानी से खाद मिल सके. साथ ही प्रक्रिया को इस तरह सरल बनाया जाए कि दुकानों पर अनावश्यक भीड़ और लंबे इंतजार की समस्या न हो.

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