कच्ची सड़क से आने-जाने को विवश हैं ग्रामीण

दिघलबैंक : आजादी के छह दशक बाद भी प्रखंड के कुछ गांव सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है. यहां के लोग को कच्ची सड़क एवं गड्ढे नुमा सड़क पर चलने को मजबूर है. धनतोला चौकस से पूरब मुड़ते ही पक्की सड़क का अभाव साफ तौर पर देख जा सकता है. यहां से डोरिया पांचगाछी […]
दिघलबैंक : आजादी के छह दशक बाद भी प्रखंड के कुछ गांव सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है. यहां के लोग को कच्ची सड़क एवं गड्ढे नुमा सड़क पर चलने को मजबूर है.
धनतोला चौकस से पूरब मुड़ते ही पक्की सड़क का अभाव साफ तौर पर देख जा सकता है. यहां से डोरिया पांचगाछी गांव जाने के लिए लोगों को कड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. यह सड़क नही धुल और बालू का ढेर है. कहीं कहीं पर सड़क को देख कर पता करना मुश्किल हो जाता है कि खेत है या सड़क. धनतोला से शुरू यह कच्ची सड़क नेपाल की सीमाओं को छूती है. इस लिए इस सड़क पर ग्रामीणों के अलावे एसएसबी के जवान भी सीमा की सुरक्षा के लिए इन रास्तों से गुजरना पड़ता है.
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